कई जगह मैदान और भवन की कमी उजागर
दुर्ग-भिलाई (AkhandBharatHNKP.Com)। पीएम श्री स्कूल योजना के तहत संचालित स्कूलों की व्यवस्थाओं की अब केंद्र स्तर से सख्त समीक्षा की जाएगी। भारत सरकार के निर्देश पर 16 से 25 फरवरी तक छत्तीसगढ़ के 341 पीएम-श्री स्कूलों में 24 सैचुरेशन बिंदुओं पर सरप्राइज निरीक्षण किया जाएगा। दुर्ग जिले के 17 स्कूलों को विशेष रूप से जांच के लिए चयनित किया गया है।

दुर्ग जिले के कई पीएम-श्री स्कूल बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। कहीं स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं तो कहीं खेल मैदान और बाउंड्रीवॉल तक उपलब्ध नहीं है। कई स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब, कंप्यूटर/आईसीटी लैब और इंटीग्रेटेड साइंस लैब जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं हैं। कुछ स्थानों पर शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी अधूरी पाई गई है। खुर्सीपार स्थित पीएम-श्री स्कूल में खेल मैदान का अभाव है। बड़े बच्चों को बाहर के मैदान में ले जाकर खेल गतिविधियां कराई जाती हैं, जबकि छोटे बच्चों को कैंपस में टाइल्स लगे प्रार्थना स्थल पर ही खेलना पड़ता है। यहां अटल टिंकरिंग लैब भी उपलब्ध नहीं है।
जर्जर भवन में पढ़ाई
भिलाई-3 के बिजली नगर स्थित पीएम-श्री स्कूल की स्थिति भी चिंताजनक है। प्राथमिक कक्षाओं के छात्र जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। छज्जों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। नई बिल्डिंग के निर्माण की फाइल लंबे समय से प्रक्रियाधीन है, लेकिन कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है।
अन्य स्कूलों में भी कमी
बोरी, जामुल, बोरसी, बानबरद सहित अन्य स्कूलों में भी कहीं लैब और क्लासरूम की स्थिति खराब है तो कहीं शौचालय व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। सुधार के प्रयासों के बावजूद कई स्कूलों की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। केंद्र सरकार की ओर से नामित आईएएस अधिकारी चयनित स्कूलों में निर्धारित अवधि के दौरान ठहरकर 24 प्रमुख बिंदुओं पर गहन समीक्षा करेंगे। निरीक्षण से पहले दुर्ग जिला शिक्षा विभाग ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी है।

