Saturday, February 7, 2026

रायगढ़ आरपीएफ गोलीकांड का आरोपी पहले भी सीनियर पर किया था हमला

इंस्पेक्टर को तलवार लेकर दौड़ाया था

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रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। रायगढ़ आरपीएफ पोस्ट गोलीकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि जिस आरक्षक ने कांस्टेबल पीके मिश्रा को गोलीमार कर हत्या की थी उसने पहले भी बिलासपुर में एक आरपीएफ इंस्पेक्टर को तलवार लेकर दौड़ाया था। इसके बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, लेकिन बाद में आरोपी आरक्षक ने अपील कर वापस ड्यूटी ज्वाइन कराया गया था।
बता दें कि 3 दिसंबर की सुबह रायगढ़ में आरपीएफ के आरक्षक कुमार सिंह लादेर ने दूसरे आरक्षक पीके मिश्रा को गोली मार दी। जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच संविधान को लेकर बहस हुई थी। बहस के बाद आरोपी आरक्षक ने अपने साथी आरक्षक पर कांच के बाहर से 4 राउंड गोली मारी। इस घटना में आरक्षक पीके मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गइै।
आरोपी वारदात को अंजाम देते समय अजीब हरकत करते नजर आता है। वह हर एक राउंड फायर के बाद वहां गोल घूमकर चारों तरफ देखता था और फिर से गोली मारता था। फायरिंग के दौरान वहां कई लोग मौजूद भी थे, लेकिन डर के चलते किसी ने भी आरोपी को रोकने की कोशिश नहीं की। सनकी आरक्षक की पिस्तौल में 10 गोलियां थी। ऐसे में किसी द्वारा रोकने की कोशिश पर वह उनपर भी गोली चला सकता था । आरोपी आरक्षक कुमार सिंह लादेर ने अपने साथी आरक्षक की हत्या के बाद पहले कबूलनामा लिखा. कबूलनामें में उसने लिखा- मैंने अपने परमित्र को गोली मार दी। हत्या के बाद भी आरोपी आरक्षक थाने में ऐसे काम करता रहा, मानो कुछ हुआ ही नहीं हो। आरोपी आरक्षक के बरताव को देखकर और पूर्व में इंस्पेक्टर से किए गए बरताव को देखा जाए, उसके मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह एक सनकी इंसान है, जिसने एक से अधिक बार अपने साथियों पर जानलेवा हमला किया और अंतत: एक की जान ले ली। बिलासपुर में जिन इंस्पेक्टर पर उसने हमला किया था, वे वर्तमान में रायपुर रेलवे मंडल में पदस्थ हैं।

रायगढ़ में हाथी के हमले से 3 की मौत

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