रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। रायपुर जिले के आरंग स्थित भलेरा धान खरीदी केंद्र में रखे धान पर मोटर पंप से पानी डालकर भिगोने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। किसानों ने खरीदी केंद्र पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया।

विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर जांच समिति गठित की गई। समिति की जांच में धान में नमी मिलने की पुष्टि हुई और यह कृत्य छत्तीसगढ़ शासन की धान उपार्जन नीति 2025-26 के नियमों के विपरीत पाया गया। इस मामले में 4 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया। जांच रिपोर्ट में समिति ने प्रबंधक विष्णु साहू, लिपिकीय सहायक उमेश कुमार साहू, प्रोसेस सर्वर इंदरमन निषाद और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जितेंद्र कुमार साहू की लापरवाही सामने लाई। भौतिक सत्यापन के दौरान करीब 10,500 बोरी धान नमी से प्रभावित मिली और मौके पर पंचनामा तैयार किया गया। जांच पूरी होने के बाद उप आयुक्त सहकारिता ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
वायरल वीडियो में दिन के समय एक कर्मचारी मोटर पंप और पाइप की मदद से सैकड़ों बोरी धान पर पानी डालता दिखाई दे रहा है। आशंका जताई जा रही है कि नमी बढ़ाकर धान को खराब दिखाने और बाद में फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की गई। इस घटना ने किसानों में भारी रोष पैदा कर दिया है और प्रशासन ने इसे गंभीर मामला मानते हुए कड़ी कार्रवाई की है।

