कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। भारत सरकार की रैंप योजना के अंतर्गत सीएसआईडीसी रायपुर के बैनर तले एनआईएमएसएमई, हैदराबाद द्वारा लाइवलीहुड कॉलेज कोरबा में सेक्टर-स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हैंडीक्राफ्टिंग सेक्टर के लिए 5, 6 एवं 7 फरवरी को आयोजित हुआ, जिसमें 33 महिला उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस प्रशिक्षण में सिलाई-बुनाई एवं हस्तशिल्प क्षेत्र से पहले से जुड़ी महिला उद्यमियों की सक्रिय सहभागिता रही। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मैकरम वर्क, वूलन वर्क, रेक्सीन वर्क सहित विभिन्न हैंडीक्राफ्टिंग तकनीकों को उन्नत एवं व्यावहारिक तरीके से तैयार करने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं। डिजिटल मार्केटिंग, डिजिटल कैटलॉगिंग तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और बाजार से जुडऩे के तरीकों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में एनआरएलएम के अंतर्गत स्व-सहायता समूह के गठन, उनकी कार्यप्रणाली तथा मिलने वाले रिवॉल्विंग फंड की जानकारी दी गई। साथ ही महिला उद्यमियों को आरएमई/एमएसएमई योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले लाभों, आवश्यक दस्तावेजों, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, संबंधित विभागों तथा उद्यम पंजीयन से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
आत्मनिर्भर बनने में मिलेगी सहायता
प्रशिक्षण के दौरान एनआईएमएसएमई के प्रशिक्षकों एवं प्रतिनिधियों द्वारा महिला उद्यमियों का उद्यम पंजीयन भी कराया गया। जिन प्रतिभागियों के दस्तावेज पूर्ण नहीं थे, उन्हें आवश्यक दस्तावेज तैयार करने तथा संबंधित विभागों से संपर्क हेतु समुचित मार्गदर्शन प्रदान किया गया। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला उद्यमियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें हैंडीक्राफ्टिंग सेक्टर में अपने व्यवसाय को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने, आत्मनिर्भर बनने और बाजार से बेहतर तरीके से जुडऩे में सहायता मिलेगी।

