कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र पाली का निरीक्षण किया, इलाज और सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पाली स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का निरीक्षण कर वहां भर्ती कुपोषित बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों की माताओं से आत्मीय संवाद करते हुए पोषण, देखभाल और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर जोर दिया। कलेक्टर ने माताओं को समझाया कि छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए संतुलित व पोषणयुक्त आहार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनआरसी में 15 दिनों तक बच्चों को पोषण आहार दिया जाएगा और इसके बाद घर पर भी नियमित रूप से पोषणयुक्त भोजन देना जरूरी है। किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत अस्पताल लाने की सलाह भी दी।
इसके बाद कलेक्टर ने पाली ब्लॉक मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं, पंजीयन की प्रक्रिया और प्रतिदिन ओपीडी में होने वाले उपचार की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला और पुरुष वार्ड, प्रसव कक्ष, सोनोग्राफी कक्ष, दवा वितरण केंद्र, ऑपरेशन थियेटर, दंत रोग उपचार कक्ष, नेत्र रोग विभाग तथा प्रयोगशाला का भी विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल के चिकित्सा उपकरणों और दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए नेत्र विभाग में बंद मशीन को प्रारंभ करने, प्रयोगशाला में जाँच होने के बाद मरीजों को रिपोर्ट उनके मोबाइल पर भेजने और आईसीयू को 15 दिनों के भीतर व्यवस्थित कर संचालित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि किसी भी मरीज को दवा के लिए बाहर न जाना पड़े, अस्पताल एवं जेनेरिक मेडिकल स्टोर में सभी आवश्यक दवाइयाँ कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाएँ। उन्होंने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, मरीजों की देखभाल और समय पर उपचार की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। सोनोग्राफी सहित सभी यंत्रों के सुचारू रखरखाव, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी पर भी उन्होंने विशेष बल दिया।
मरीजों से भोजन व दवाईयों की जानकारी ली

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने महिला और पुरुष वार्ड में भर्ती मरीजों से भोजन और दवाइयों के वितरण की जानकारी ली। मरीजों ने बताया कि उन्हें भोजन और दवाइयाँ समय पर मिल रही हैं। कलेक्टर ने प्रयोगशाला की व्यवस्था को और बेहतर बनाने, आयुष विभाग के सुचारू संचालन, अस्पताल परिसर में नोटिस बोर्ड लगाने और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीएमओ को स्वास्थ्य केंद्र में एमडी मेडिसिन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को भी कहा। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, एसडीएम पाली रोहित सिंह, बीएमओ डॉ. अनिल सराफ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पोषण पुनर्वास केंद्र में व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने पाली स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार, भोजन और नियमित स्वास्थ्य जाँच की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एनआरसी की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखा जाए। किचन और वाशरूम की स्वच्छता सुनिश्चित करते हुए मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने माताओं से संवाद कर बच्चों की स्थिति जानी और उनका वजन कर स्वास्थ्य की जाँच की। उन्होंने माताओं को समझाया कि जन्म से छह वर्ष की आयु तक बच्चों को विशेष देखभाल, संतुलित पोषण और नियमित खानपान की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि एनआरसी से छुट्टी मिलने के बाद भी बच्चों को पोषण आहार देना जारी रखें, ताकि कमजोरी की स्थिति न रहे और बच्चे स्वस्थ एवं मजबूत बनें।
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