रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी 2025) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार छत्तीसगढ़ के 7 युवाओं ने शानदार सफलता हासिल की है। इनमें रायपुर की वैभवी अग्रवाल, रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया शामिल हैं। गुढिय़ारी की रहने वाली वैभवी अग्रवाल ने ऑल इंडिया 35वीं रैंक प्राप्त की है। यह उनका तीसरा प्रयास था। वहीं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर की दर्शना सिंह बघेल ने दूसरे प्रयास में 383वीं रैंक हासिल की है और अब वे आईपीएस अधिकारी बनेंगी।

धमतरी जिले के डीएसपी डायमंड सिंह ने 623वीं रैंक प्राप्त की है। वे छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के अधिकारी हैं। इसके अलावा रायगढ़ जिले के संबलपुरी निवासी अजय गुप्ता ने 452वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई है, जबकि बलरामपुर के विपुल गुप्ता ने 103वीं रैंक के साथ प्रदेश का नाम रोशन किया है। बता दें कि परिणाम घोषित होने के बाद वैभवी अग्रवाल अपने परिवार के साथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने बताया कि पहले दो प्रयासों में उन्हें असफलता मिली थी। पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी पास नहीं हुआ, जो उनके लिए कठिन समय था, लेकिन उसी अनुभव ने उन्हें आगे की तैयारी के लिए मजबूत बनाया। वैभवी का कहना है कि बचपन से ही उनका सपना समाज सेवा करने का था। दर्शना सिंह बघेल शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही हैं। उन्होंने वर्ष 2017-18 में डीएवी स्कूल भगवानपुर से 12वीं की परीक्षा 97 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी। इसके बाद उनका चयन आईआईटी कानपुर में हुआ। वहां से इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। पिछले साल उन्होंने प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो सका। इस बार दूसरे प्रयास में उन्होंने 383वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई। उनके पिता अरुण सिंह बघेल किसान हैं और सोसाइटी का संचालन भी करते हैं, जबकि उनकी मां सीमा सिंह जनकपुर नगर पंचायत में पार्षद हैं।

डायमंड सिंह धमतरी जिले के परसवानी गांव के निवासी हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच में डीएसपी पद पर कार्यरत हैं। पुलिस सेवा में रहते हुए भी उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। वर्ष 2024 में सीजीपीएससी की परीक्षा में भी पहले ही प्रयास में उनका चयन डीएसपी पद के लिए हुआ था। बलरामपुर जिले के विपुल गुप्ता ने यूपीएससी 2025 में ऑल इंडिया 103वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा डीपीएस उक्कुनगरम, विशाखापट्टनम से पूरी की। इसके बाद 2022 में आईआईटी मद्रास से स्नातक किया। यह उनका तीसरा प्रयास था। इससे पहले वे यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 368वीं रैंक और भारतीय वन सेवा परीक्षा में 12वीं रैंक भी प्राप्त कर चुके हैं।
रायगढ़ जिले के संबलपुरी निवासी अजय गुप्ता ने भी यूपीएससी 2025 में 452वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता धनुर्जय गुप्ता छोटे किसान हैं, जिन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा के लिए हमेशा मेहनत की। अजय की शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल में हुई। बाद में उन्होंने एनआईटी रायपुर से ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के बाद वे बस्तर में एक एनजीओ के साथ आदिवासी विकास के लिए काम करने लगे, जहां से उन्हें आईएएस बनने की प्रेरणा मिली।

