फर्जी विवाह और बाल विवाह पर लगेगी रोक, महिलाओं के अधिकार होंगे मजबूत
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। प्रदेश में अब विवाह पंजीयन कराना अनिवार्य हो गया है। राज्य सरकार के इस फैसले से न केवल फर्जी और दिखावटी शादियों पर लगाम लगेगी, बल्कि बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर भी रोक लगेगी। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत तय समय-सीमा में विवाह रजिस्ट्रेशन कराने पर मात्र सात दिनों में मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, जिससे महिलाओं के कानूनी अधिकार भी मजबूत होंगे।
राज्य सरकार का कहना है कि विवाह पंजीयन अनिवार्य होने से फर्जी और दिखावटी शादियों पर रोक लगेगी। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथाओं पर नियंत्रण होगा और महिलाओं के कानूनी अधिकारों को मजबूती मिलेगी। विवाह पंजीयन की सुविधा नगर निगम, नगर पालिका, जनपद पंचायत कार्यालयों और अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध होगी। नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले दंपतियों को निगम कार्यालय में पंजीयन कराना होगा। इसके अलावा चॉइस सेंटर के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। शादी के एक माह के भीतर पंजीयन कराने पर मात्र 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, एक माह के बाद पंजीयन कराने पर 520 रुपये शुल्क देना होगा।
भारतीय नागरिकता अनिवार्य
मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। साथ ही पति-पत्नी की आयु भारतीय कानून के अनुसार होनी चाहिए। विवाह के एक महीने के भीतर मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करना आवश्यक है, हालांकि विलंब की स्थिति में लेट फीस और मैरिज रजिस्ट्रार की विशेष अनुमति के साथ बाद में भी आवेदन किया जा सकता है। यदि आवेदक का पहले विवाह हुआ था और तलाक हो चुका है, तो नए विवाह के पंजीयन के लिए तलाक का वैध प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

