कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। कोरबा नगर ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सिर्फ 20 मिनट में 15,563 हस्ताक्षरों के साथ नगर ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया और एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह रिकॉर्ड पहले उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के नाम था, जहाँ एक घंटे में लगभग 7,500 हस्ताक्षरों का रिकॉर्ड था। कोरबा ने इसे न केवल पीछे छोड़ दिया, बल्कि अपने संकल्प और सहभागिता के दम पर एक नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया।
इस अवसर पर नगर निगम महापौर संजुदेवी राजपूत ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के सतत प्रयासो व नगर निगम की पूरी टीम की अथक मेहनत और कोरबा के जागरूक नागरिकों के स्वस्फूर्त सहयोग का परिणाम है। यह न केवल एक संख्या का रिकॉर्ड है, बल्कि यह समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। महापौर ने आगे कहा कि आयुक्त आशुतोष पांडेय हमेशा कुछ नया करने की सोच रखते हैं। उनके नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने मिलकर इस मिशन को पूरा किया। उन्होंने टीम के सदस्यों, पार्षदों, औद्योगिक उपक्रमों, छात्रों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों का आभार जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे कोरबा की है।
स्वच्छता महासंकल्प अभियान और विशाल बैनर
स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नगर निगम ने शहर में 280 मीटर लंबा विशाल बैनर लगाया। इस बैनर पर आम नागरिकों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने हस्ताक्षर कर स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सहित हर वर्ग ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन एक जनआंदोलन के रूप में सामने आया।
कोरबा स्वच्छता के क्षेत्र में मॉडल स्थापित करेगा
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस उपलब्धि को कोरबा के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल हस्ताक्षरों की संख्या का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि लोगों की सोच और समाज में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह अभियान कोरबा को भविष्य में स्वच्छता के क्षेत्र में मॉडल शहर के रूप में स्थापित करेगा। कोरबा नगर निगम ने पहले भी स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। स्वच्छता में टॉप-10 नगरपालिकाओं में शामिल होकर देश भर में आठवें स्थान पर पहुंचा। अब इस रिकॉर्ड के साथ कोरबा ने साबित कर दिया कि जब प्रशासन और जनता मिलकर संकल्प लेते हैं, तो सामाजिक लक्ष्य भी बड़े कीर्तिमान में बदल सकते हैं।

