Friday, February 6, 2026

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ : कलेक्टर दुदावत

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  • भोजन की गुणवत्ता व व्यवस्थाओं पर विशेष निर्देश, स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित

कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

कलेक्टर कुणाल दुदावत कलेक्टर ने टीबी एवं कुष्ठ उन्मूलन, सिकलसेल जांच, मातृ स्वास्थ्य, सुरक्षित प्रसव, शिशु स्वास्थ्य, मलेरिया नियंत्रण, एक्स-रे जांच, टीकाकरण, परिवार कल्याण, आयुष सेवाओं तथा सीएचसी व पीएचसी की कार्यप्रणाली की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही जिले में स्वीकृत स्वास्थ्य केंद्रों एवं निर्माणाधीन भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार नए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एस. एन. केसरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

अस्पताल व्यवस्थाओं पर सख्त निर्देश

कलेक्टर ने अस्पतालों में वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के निर्देश देते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने की चेतावनी दी। सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रसूताओं को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और कहीं भी अव्यवस्था न होने देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना एवं पोषण पुनर्वास केंद्र से जुड़े हितग्राहियों के लंबित भुगतान एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

कलेक्टर दुदावत ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है, इसलिए एएनसी पंजीयन से लेकर एएनसी जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान और सुरक्षित प्रसव तक सभी सेवाएं प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने सीएचसी और पीएचसी में गर्भवती महिलाओं की सूची अनिवार्य रूप से संधारित करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रकार की चूक न हो।

टीबी, कुष्ठ और एनसीडी स्क्रीनिंग पर जोर

कलेक्टर ने आयुष्मान भारत योजना एवं वय वंदन योजना के अंतर्गत शेष पात्र हितग्राहियों को शीघ्र शामिल कर लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मृत्यु प्रकरणों को पोर्टल से समय पर बंद करने तथा टीबी नियंत्रण के लिए सभी संदिग्ध मरीजों की एक्स-रे जांच कर पुष्टि रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निक्षय मित्र योजना के तहत ग्राम पंचायतों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से टीबी मरीजों का पंजीयन कर उन्हें पोषण सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कुष्ठ, टीबी, उच्च रक्तचाप और मधुमेह से ग्रसित नागरिकों की अधिक से अधिक स्क्रीनिंग कर शीघ्र उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

पोषण पुनर्वास केंद्र पर नाराजगी

मेडिकल कॉलेज कोरबा स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों की कम दर्ज संख्या पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त किया और स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएचसी और सीएचसी को निर्देशित किया कि अपने 10 किलोमीटर के दायरे को मितानिनों के माध्यम से टीबी मरीजों व एक्स-रे जांच के लिए पूरी तरह सैचुरेटेड किया जाए। साथ ही डॉक्टरों की उपलब्धता और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का समय पर संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्टाफ की समयपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए उन्होंने लक्ष्य और उपलब्ध संसाधनों के बीच अंतर (गैप) की पहचान कर उसे शीघ्र भरने के निर्देश दिए।

समय पर जांच व नियमित दवा से टीबी का उपचार संभव : कलेक्टर दुदावत

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