कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने रेल बजट में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कोरबा क्षेत्र में रेल यात्री सुविधाओं की अनदेखी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को करीब 80 प्रतिशत राजस्व कोरबा क्षेत्र से मिलता है, तो फिर यहां के यात्रियों की सुविधाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र से राजस्व उस क्षेत्र को न्याय मिलना ही चाहिए।
सांसद ज्योत्सना महंत ने कोरबा में करीब 30 लाख रुपये की लागत से तैयार पिटलाइन को शीघ्र शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक पिटलाइन पूरी तरह सक्रिय नहीं होगी, तब तक नई यात्री ट्रेनों का संचालन संभव नहीं हो पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों को मालगाडिय़ों के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता है, जो उचित नहीं है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर वंदे भारत जैसी ट्रेनों के प्रचार-प्रसार पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं वहीं कोरबा के आम यात्रियों को स्थानीय ट्रेन के लिए 3 से 4 घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
दस वर्ष बाद भी अधूरा है कॉरिडोर परियोजना
सांसद ने गेवरा-पेण्ड्रा रेल कॉरिडोर परियोजना के दस वर्षों बाद भी अधूरा रहने पर चिंता जताई। इसके साथ ही कोरबा से कटनी के बीच सीधी ट्रेन सेवा नहीं होने तथा कोरबा-राउरकेला रेल मार्ग पर पिछले पांच वर्षों से केवल मालगाडिय़ों का संचालन होने के बावजूद यात्री ट्रेन शुरू नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्या इस क्षेत्र के लोगों को रेल यात्रा का अधिकार नहीं है।
घंटो विलंब से चलती हैं यात्री ट्रेनें
सांसद ज्योत्सना महंत चाम्पा और सक्ती रेलवे स्टेशन पर गीतांजलि एक्सप्रेस तथा अहमदाबाद एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्थिति यह है कि मालगाडिय़ों को प्राथमिकता देने के कारण यात्री ट्रेनों को घंटों विलंब से चलाया जाता है। सांसद ने यह भी कहा कि रेलवे केवल व्यावसायिक संस्था नहीं, बल्कि एक लोक कल्याणकारी सेवा है। जब अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं और नई रेल पटरियां बिछाई जा रही हैं, तो इसका लाभ यात्री ट्रेनों को भी मिलना चाहिए।
नर्मदा एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ सहित कई ट्रेनों का कोरबा तक किया जाए विस्तार
सांसद ज्योत्सना महंत ने मांग रखी कि नर्मदा एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और तिरूपति एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों का विस्तार बिलासपुर से आगे कोरबा तक किया जाए। इससे क्षेत्र के यात्रियों को सुविधा मिलेगी और रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

