रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन राज्य में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण बिल पारित किया गया। नए कानून के लागू होने के बाद परीक्षा में नकल, पेपर लीक और प्रक्रिया में छेड़छाड़ करने वाले अभ्यर्थियों और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिल के अनुसार, नकल करते पकड़े गए छात्रों का रिजल्ट रोका जाएगा और उन्हें 1 से 3 साल तक परीक्षाओं में बैठने से वंचित किया जा सकेगा। पेपर लीक या परीक्षा प्रक्रिया में छेड़छाड़ करने पर दोषी को 1 से 5 साल की कैद और 5 लाख रुपये तक जुर्माना भुगतना होगा। साथ ही, दोषी पाई जाने वाली संस्था पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना और कम से कम 3 साल तक परीक्षा कराने से रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। परीक्षा से जुड़े खर्च की वसूली भी बिल में शामिल है बिल में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है। यदि किसी डायरेक्टर या अधिकारी की सहमति या लापरवाही सामने आती है, तो उन्हें 3 से 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।

