छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र, समय पर मिलेंगी किताबें, गणवेश और साइकिल : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

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      रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय स्थित महानदी भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ विभाग की विभिन्न योजनाओं, शैक्षणिक गतिविधियों तथा विद्यालय संचालन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।

          शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

          बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में नया शैक्षणिक सत्र अब 1 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल जैसी आवश्यक सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि शैक्षणिक गतिविधियां शुरुआत से ही सुचारु रूप से संचालित हो सकें। समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय छोड़ चुके बच्चों को विशेष अभियान चलाकर 31 जुलाई 2026 तक दोबारा स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

          शिक्षकों की उपस्थिति अब एप के जरिए होगी अनिवार्य

          बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। अब सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए वीएसके एप पर पंजीयन और नियमित उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जुलाई महीने से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का वेतन इसी एप में दर्ज उपस्थिति के आधार पर जारी किया जाएगा। हालांकि वर्तमान माह में उपस्थिति के आधार पर किसी भी कर्मचारी के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी। मंत्री गजेंद्र यादव ने निर्देश दिए कि प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े अनिवार्य रूप से आने चाहिए, जबकि माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े, हिंदी और अंग्रेजी की धाराप्रवाह पढ़ाई सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी है और इसके लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

          जर्जर स्कूल भवनों को हटाने के निर्देश

          बैठक में प्रदेशभर के जर्जर विद्यालय भवनों की सूची तैयार कर चरणबद्ध तरीके से उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही भवनविहीन विद्यालयों की समीक्षा जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा कराए जाने का निर्णय लिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों को तत्काल उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने के निर्देश भी जारी किए गए।

          निजी स्कूलों की तरह समय पर शुरू होगी पढ़ाई

          बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया और पढ़ाई 1 अप्रैल से शुरू होगी। इसी दिन विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से शासकीय विद्यालयों में भी निजी स्कूलों की तरह समय पर पढ़ाई शुरू होगी, पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा और परीक्षा परिणामों में बेहतर सुधार देखने को मिलेगा। बैठक में विभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल तथा लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने भी अधिकारियों को विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निरीक्षण तथा शासन के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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