भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून लागू : मुख्यमंत्री

      Date:

      रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विधानसभा में छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया है। इस विधेयक के लागू होने से राज्य में आयोजित परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

          विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित राज्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में यह आवश्यक है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। उन्होंने कहा कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में अनुचित साधनों के उपयोग को समाप्त करना और योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना है।

          https://dprcg.gov.in/post/1774020063/Raipur-Strict-laws-passed-for-transparency-in-recruitment-examinations-strict-provisions-on-copying-and-paper-leaks

          मुख्यमंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत प्रश्नपत्र लीक, फर्जी अभ्यर्थियों की भागीदारी तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल जैसे कृत्यों को स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। ऐसे मामलों में तीन से दस वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। वहीं संगठित अपराध की श्रेणी में आने वाले मामलों में एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना और संपत्ति जब्ती का प्रावधान भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी नकल या अन्य अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका परीक्षा परिणाम निरस्त किया जाएगा और उसे एक से तीन वर्ष तक परीक्षा में शामिल होने से प्रतिबंधित किया जा सकेगा।

          लापरवाही व अनियमितता पर लगेगी रोक

          मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों, आईटी सेवा प्रदाताओं और परीक्षा केंद्रों के प्रबंधकों को भी इस कानून के तहत जवाबदेह बनाया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को रोका जा सके। जांच प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए यह प्रावधान किया गया है कि परीक्षा से संबंधित मामलों की जांच उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी। आवश्यकता पडऩे पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसियों को भी जांच सौंप सकेगी।

          परीक्षा पक्रिया में बढ़ेगा विश्वास

          यह कानून राज्य लोक सेवा आयोग, व्यापमं तथा विभिन्न शासकीय विभागों, निगमों और मंडलों द्वारा आयोजित सभी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं पर लागू होगा। सरकार का मानना है कि इस सख्त कानून से परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा और योग्य अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत के अनुरूप अवसर मिल सकेगा।

          मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

              Share post:

              Popular

              More like this
              Related

              जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने वाले टीआई पर गिरी गाज, एसएसपी ने किया लाइन अटैच

              बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज...