
** गुरु पूर्ण माँ होते है **
गुरु शिष्य के लिए पूर्ण मां के सदृश होते हैं। अर्थात माता बच्चे के शरीर का पालन पोषण करती है, उसके शरीर का विकास करती है लेकिन गुरु व्यक्ति का मानसिक संवर्धन भी करते हैं। जो व्यक्ति गुरु के आश्रित होता है, उनके प्रति पूर्ण रूप से समर्पित होता है, गुरु उसके शरीर के साथ-साथ बुद्धि को भी तुष्ट, पुष्ट एवं सम्यक् करते हैं। इसके साथ ही गुरु व्यक्ति के अभ्यंतर को भी पवित्र करने और पवित्र बनाए रखने का कार्य भी निर्देशित करते हैं।
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परम् पूज्य सदगुरुदेव जी की जय 🙏🏻🌸

