प्रेमानंद जी महाराज की भावुक अपील: ‘मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा; मेरी चिंता छोड़, श्रीजी का ध्यान लगाइए’

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          मथुरा/वृंदावन:(एजेंसी) वृंदावन के प्रख्यात संत और राधाकेली कुंज के पीठाधीश्वर पूज्य प्रेमानंद जी महाराज ने देश-विदेश में फैले अपने लाखों श्रद्धालुओं से एक बेहद भावुक अपील की है। पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे पूज्य प्रेमानंद महाराज श्री ने भक्तों को ढांढस बंधाते हुए कहा है, मैं स्थूल शरीर से रहूं या न रहूं, मैं हमेशा आपके साथ रहूंगा। मेरी चिंता छोड़कर केवल अपनी साधना और श्रीजी (राधारानी) के ध्यान पर मन लगाइए।”

          गौरतलब है कि अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण महाराज श्री की प्रसिद्ध रात्रि पदयात्रा और दर्शन लाभ पिछले 9 दिनों से पूरी तरह बंद हैं, जिससे उनके अनुयायी बेहद चिंतित हैं और लगातार उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

          शरीर तो एक दिन छूटना ही है‘ – महाराज श्री का संदेश

          राधाकेली कुंज से जारी एक विशेष संदेश में प्रेमानंद जी महाराज ने भक्तों की व्याकुलता को शांत करते हुए कहा: “यह शरीर तो पंचतत्व का है, इसे एक दिन छूटना ही है। लेकिन जो नाम और जो भाव हमने आपको दिया है, वह अमर है। यदि आप श्रीजी के नाम का जप कर रहे हैं, तो आप मुझसे कभी दूर नहीं हैं। मेरी चिंता में अपना समय व्यर्थ न करें, बल्कि उस समय को राधा-नाम संकीर्तन में लगाएं।”

          क्यों बंद है 9 दिनों से पदयात्रा

          प्रेमानंद जी

          पूज्य महाराज श्री प्रेमानंद जी लंबे समय से किडनी की बीमारी (क्रॉनिक किडनी डिसीज) से पीड़ित हैं और दोनों किडनियां खराब होने के बावजूद वे नियमित रूप से अपनी साधना और भक्तों को दर्शन दे रहे थे। पिछले दिनों अचानक उनके स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण विश्राम की सलाह दी है। परिक्रमा और पदयात्रा स्थगित: महाराज श्री हर रात करीब 2 बजे अपने आश्रम से पदयात्रा करते हुए निकलते थे, जिसमें उनके दर्शन के लिए हजारों की भीड़ उमड़ती थी। स्वास्थ्य कारणों से पिछले 9 दिनों से इस पदयात्रा को आगामी आदेश तक रोक दिया गया है।

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