
-अवधूत वाणी-
* जय माँ गुरु *
जो उन्नति की ओर बढ़ने का प्रयत्न नही करेगा वह पतन की ओर फिसलेगा। यह स्वाभाविक क्रम है। इस संसार में मनुष्य की दो ही गतियां हैं उत्थान या पतन तीसरी कोई भी मध्य की गति नहीं है। अगर हम उन्नति की ओर नहीं बढेगें तो समय हमें पतन के गर्त में गिरा देगा.!!जय मॉं गुरू 🙏

