बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय स्थित प्रबंधन विकास संस्थान में मंगलवार को खनिज एवं खनन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम-1957 के तहत अधिकृत अधिकारियों के लिए चार दिवसीय जागरूकता एवं क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कंपनी के मानव संसाधन निदेशक बिरंची दास के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।

भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार एसईसीएल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, टीएसआर तथा मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के अधिकारियों को अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अवैध कोयला खनन एवं कोयला चोरी के मामलों में कार्रवाई करने के विशेष अधिकार दिए गए हैं। इसके तहत अधिकृत अधिकारी अब ऐसे मामलों में सीधे न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे अवैध खनन और कोयला चोरी से जुड़े मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निपटारे का रास्ता आसान होगा।
पूर्व पुलिस महानिरीक्षक दे रहे प्रशिक्षण
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड पुलिस के पूर्व महानिरीक्षक तथा सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी विपुल शुक्ला को विषय विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया है। वर्तमान में वे भारत कोकिंग कोल लिमिटेड में वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अधिनियम के कानूनी प्रावधानों, अवैध खनन मामलों की जांच प्रक्रिया, साक्ष्य एकत्र करने की विधि, कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तथा मजबूत अभियोजन प्रतिवेदन तैयार करने की जानकारी विस्तार से दी जाएगी।
विभिन्न विभागों के अधिकारी कर रहे सहभागिता
23 जून से 26 जून तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी, महाप्रबंधक, अभिकर्ता, प्रबंधक, मानव संसाधन विभाग तथा सुरक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भाग ले रहे हैं। इसके अलावा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, टीएसआर और मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान भी प्रशिक्षण में शामिल हुए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिकृत अधिकारियों को उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी देकर अवैध खनन एवं कोयला चोरी की रोकथाम से जुड़े मामलों में उनकी कार्यक्षमता को और मजबूत बनाना है।
एसईसीएल योग महोत्सव के तहत महिलाओं के लिए विशेष योग सत्र आयोजित

