कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। अक्षय गर्ग हत्याकांड से जुड़े मामले में गवाह के परिवार को कथित तौर पर धमकाने के आरोप में भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद पति हसन अली को पसान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। हसन अली की प्रारंभिक जमानत अर्जी भी खारिज कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, अक्षय गर्ग हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों के पक्ष में काम करते हुए एक चश्मदीद गवाह के परिवार पर गवाही नहीं देने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि गवाह के गांव में काले रंग की कार से एक व्यक्ति पहुंचता था और उसके माता-पिता के बारे में पूछताछ करने के बाद हत्याकांड में गवाही देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था। जुलाई में ग्राम लोकड़हा निवासी एक गवाह ने पसान थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि धमकी देने वाला संदिग्ध बीच-बीच में कटघोरा स्थित अपने घर आता है। इसके बाद पसान पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया और कटघोरा पुलिस से भी सहयोग लिया। 16 अगस्त को संदिग्ध के कटघोरा स्थित घर आने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ और पहचान की कार्रवाई के दौरान उसकी पहचान हसन अली के रूप में हुई।
पहचान परेड में गवाह ने पहचाना
पसान थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र यादव के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई की। पोड़ी-उपरोड़ा के अनुविभागीय दंडाधिकारी के निर्देश पर कार्यपालिक दंडाधिकारी पसान की मौजूदगी में पहचान परेड कराई गई। पुलिस के अनुसार, पहचान परेड के दौरान पीडि़त पक्ष ने अन्य लोगों के बीच हसन अली को पहचानते हुए बताया कि यही व्यक्ति कार से गांव आकर धमकी देता था।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
पहचान परेड के बाद पुलिस ने हसन अली को विधिवत गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। इसके बाद आरोपी को कटघोरा उपजेल में दाखिल करा दिया गया।
इस वजह से भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हुई हत्या ,मुख्य साजिशकर्ता सहित 4 आरोपी अरेस्ट

