ब्लैक स्पॉट पर चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, क्रैश बैरियर और प्रकाश व्यवस्था कराने के निर्देश; अवैध राखड़ डंपिंग पर भी होगी कार्रवाई
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात नियमों का पालन और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

सांसद ज्योत्सना महंत ने राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले के अन्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रेडियमयुक्त चेतावनी एवं संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप, क्रैश बैरियर और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट और ग्रे स्पॉट में सुधार कार्य जल्द पूरा कराने को कहा। सांसद ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने, नशे में वाहन चलाने, तेज गति, बिना हेलमेट, तीन सवारी और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिले में अवैध राखड़ डंपिंग पर भी कड़ी कार्रवाई करने तथा मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग के लिए उचित स्थान चिन्हित करने को कहा। बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर स्कूल-कॉलेजों में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों और आम लोगों को जागरूक करने के लिए रंगोली, नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
ग्रामीण सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों और अब तक किए गए सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तय कार्ययोजना के अनुसार काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग के दुर्घटना संभावित स्थानों पर रंबल स्ट्रिप, रोड शोल्डर और क्रैश बैरियर लगाने की कार्रवाई जल्द पूरी करने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों की खराब सड़कों की मरम्मत और जीर्णोद्धार में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
यातायात नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि नाबालिगों के वाहन चलाने और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट, तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट, नो-पार्किंग और मोडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कई लापरवाह वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं और सैकड़ों मामलों में चालानी कार्रवाई की गई है। दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ट्रक और बस चालकों समेत अन्य वाहन चालकों के नेत्र परीक्षण के लिए शिविर भी लगाए जाएंगे।

