दीपका खदान विस्तार के विरोध में ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, जीएम कार्यालय में जड़ा ताला, आठ घंटे तक चला आंदोलन

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      • मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास की मांग पर अड़े ग्रामीण; बुलडोजर कार्रवाई से नाराजगी

      हरदीबाजार (AkhandBharatHNKP.Com)। एसईसीएल दीपका खदान विस्तार की जद में आ रहे ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। शुक्रवार सुबह खदान प्रबंधन द्वारा हरदीबाजार में स्वास्थ्य केंद्र, पटवारी कार्यालय और आंगनबाड़ी समेत आठ शासकीय भवनों पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद शनिवार को ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और सरपंच लोकेश्वर कंवर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण दीपका महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए।

          एसईसीएल दीपका खदान

          ग्रामीणों का आरोप है कि उचित मुआवजा, नौकरी, नई बसाहट और पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना शासकीय भवनों को तोड़ने की कार्रवाई की गई। अस्पताल कर्मचारियों के मुताबिक भवन खाली करने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं दिया गया, जिसके कारण जरूरी दस्तावेज, दवाइयां और अन्य सामान मलबे में दब गए। शनिवार को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे कई मरीजों को भवन टूटने के कारण वापस लौटना पड़ा। वहीं, जीएम कार्यालय में तालाबंदी के चलते एरिया कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित रहा और अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय के बाहर रहे। दीपका के सीजीएम अशोक कुमार ग्रामीणों को समझाने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। आंदोलन में हरदीबाजार के अलावा सराईसिंगार, रैंकी, मलगांव, आमगांव, दर्शखांचा और सुआभोड़ी के ग्रामीण भी शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन खदान में चली गई है, लेकिन अब तक कई प्रभावित परिवारों को नौकरी, मकान और बसाहट का मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसी को लेकर लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है।

          मुआवजा और नौकरी की मांग

          प्रदर्शनकारियों ने भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा निर्धारण और पत्रक में हुई गड़बड़ियों को दूर कर उचित मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए बेहतर पुनर्वास और नई बसाहट की व्यवस्था, भूमि अधिग्रहण के बदले नियमानुसार स्थायी नौकरी तथा करीब 18 हेक्टेयर जमीन से प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा की मांग भी उठाई गई। जीएम कार्यालय का घेराव करने पहुंचे ग्रामीणों की वहां तैनात सीआईएसएफ जवानों और पुलिस बल के साथ हल्की नोकझोंक व धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गेट से हटाने का प्रयास किया, लेकिन करीब 300 महिला-पुरुष वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने एसईसीएल दीपका प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

          व्यापारियों ने भी बंद रखे प्रतिष्ठान

          ग्रामीणों के समर्थन में हरदीबाजार के व्यापारियों ने भी शनिवार को साप्ताहिक बाजार के दिन अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इससे बाजार में भी विरोध का असर दिखाई दिया। विधायक प्रेमचंद पटेल ने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन से मामले में उचित पहल करने की मांग की। करीब आठ घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद बिलासपुर मुख्यालय में ग्रामीणों की मांगों पर चर्चा करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद शाम करीब पांच बजे आंदोलन समाप्त हुआ।

          विधायक ने दी खदान बंद कराने की चेतावनी

          कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि प्रशासन को ग्राम पंचायत को पूर्व सूचना देकर ही इस तरह की कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो फिलहाल जीएम कार्यालय पर ताला लगाया गया है, लेकिन आगे खदान का काम भी बंद कराया जा सकता है। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी दीपका प्रबंधन पर होने की बात कही।

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