बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ में रेलवे पुलिस (जीआरपी) के बर्खास्त आरक्षक लक्ष्मण गाइन की आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच में उसकी वैध आय और खर्च के बीच 1 करोड़ 3 लाख 33 हजार रुपये से अधिक का अंतर पाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरक्षक की कुल आय करीब 86.76 लाख रुपये थी, जबकि उसके खर्च और निवेश का आंकड़ा 1.90 करोड़ रुपये से अधिक मिला। मामले में एसीबी ने विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत में आरोपपत्र पेश किया है।

लक्ष्मण गाइन पर आरोप है कि बिलासपुर जीआरपी में पदस्थापना के दौरान उसने साथी आरक्षकों के साथ मिलकर ट्रेनों में गांजा तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उनसे अवैध वसूली की। आरोप है कि तस्करों से गांजा जब्त करने के बाद उसे अपने पास रख लिया जाता था और आरोपियों को छोड़ने के बदले मोटी रकम वसूली जाती थी। वसूली की रकम आपस में बांटने का भी आरोप है। मामले का खुलासा होने के बाद संबंधित आरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। गांजा तस्करी से जुड़े प्रकरण में एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार लक्ष्मण गाइन इस मामले में बिलासपुर जेल में बंद है।
लग्जरी मकान, कार और महंगी बाइक खरीदने का आरोप
जांच के दौरान बर्खास्त आरक्षकों की संपत्तियों को लेकर भी कई जानकारियां सामने आई थीं। आरोप है कि अवैध कमाई से लग्जरी मकान, कार और महंगी मोटरसाइकिलें खरीदी गईं। कुछ संपत्तियां रिश्तेदारों के नाम पर खरीदे जाने की बात भी सामने आई थी। करीब दो साल पहले पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरक्षकों से जुड़ी लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद मामले की जांच एसीबी को सौंपी गई थी। एजेंसी ने आरक्षक की आय, वेतन, वित्तीय दस्तावेजों, खर्च और निवेश का परीक्षण किया। इसके अलावा 1 दिसंबर 2024 को बिलासपुर स्थित उसके आवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी। जांच में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, आरक्षक की कुल वैध आय 86,76,270 रुपये आंकी गई, जबकि खर्च और निवेश 1,90,09,303.50 रुपये पाया गया। इस तरह आय से 1,03,33,033.50 रुपये अधिक खर्च और निवेश का हिसाब मिला। यह अंतर उसकी कुल आय का लगभग 119 प्रतिशत है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपपत्र
एसीबी ने जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर लक्ष्मण गाइन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया है। अब मामले में न्यायालयीन सुनवाई के दौरान आरोपों और साक्ष्यों की जांच होगी। गांजा तस्करी के आरोपियों से कथित सांठगांठ और अवैध वसूली के मामले में संलिप्तता के आरोपों के चलते पुलिस अधीक्षक (रेल), छत्तीसगढ़ ने 19 नवंबर 2024 को लक्ष्मण गाइन को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच पूरी होने के बाद एसीबी ने न्यायालय में आरोपपत्र पेश किया है। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर लिया जाएगा।
महिला का प्राइवेट पार्ट चेक करने वाला आरोपी आरक्षक बर्खास्त

