बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मामले में सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य पर कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। उनकी जगह नरेश चौहान को सरकंडा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, एसएसपी की ओर से जारी आदेश में इस कार्रवाई का कारण प्रशासनिक बताया गया है।
मामला बिलासपुर के राजकिशोर नगर का है, जहां महासमुंद कुटुंब न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। बताया गया कि जन्मदिन समारोह के दौरान देर रात तक ढोल-नगाड़े बजाए जा रहे थे और पटाखे फोड़े जा रहे थे। इससे परेशान होकर न्यायाधीश ने आपत्ति जताई थी। इस बात को लेकर प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथियों के साथ विवाद हो गया। आरोप है कि उन्होंने न्यायाधीश और उनके परिजनों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।
दोनों पक्षों की शिकायत पर दर्ज हुई थी एफआईआर
घटना के बाद प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था। न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर न्यायिक अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। बताया जा रहा है कि आरोप है कि न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले आवश्यक प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई और सभी पहलुओं की समुचित जांच भी नहीं की गई। इसी मामले के बाद सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य को लाइन अटैच किए जाने की कार्रवाई चर्चा में है।

