दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को 11,515 रुपये की जगह केवल 2,200 रुपये दिए जाते थे, शेष राशि बेटे के खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप; गिरफ्तारी के बाद थाने से मिली जमानत
दुर्ग (AkhandBharatHNKP.Com)। दुर्ग में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप को एक महिला दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के वेतन में कथित गबन और पद के दुरुपयोग के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें थाने से ही मुचलके पर जमानत दे दी गई।
पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे ने कुलपति से शिकायत की थी कि उसके वेतन का बड़ा हिस्सा उसे नहीं दिया जा रहा है। शिकायत के बाद विश्वविद्यालय ने जांच समिति गठित की, जिसकी रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने पर मोहन नगर थाने में मामला दर्ज कराया गया। जांच में सामने आया कि शुभांगी मराठे को सरकारी नियमों के अनुसार प्रतिमाह 11,515 रुपये वेतन मिलना था, लेकिन आरोप है कि कुलसचिव उन्हें केवल 2,200 रुपये ही देते थे। शेष राशि दबाव बनाकर फोनपे और पेटीएम के माध्यम से अपने बेटे उदय कुलदीप के खाते में ट्रांसफर करवा लेते थे। शिकायत में यह भी बताया गया कि शुभांगी मराठे विश्वविद्यालय में कार्य करने के साथ-साथ कुलसचिव के घर पर भोजन बनाने सहित निजी घरेलू कार्य भी करती थीं।
डेढ़ लाख रुपये के गबन का आरोप
पुलिस जांच में पता चला कि 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच महिला कर्मचारी के वेतन से कुल 1,49,384 रुपये का कथित गबन किया गया। बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की जांच के आधार पर पुलिस ने पद के दुरुपयोग और अमानत में खयानत के आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत
मोहन नगर थाना पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप को गिरफ्तार कर पूछताछ की। थाना प्रभारी केशव कोसले ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर थाने से ही मुचलके पर जमानत दे दी गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। वेतन भुगतान, बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य वित्तीय अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

