तेल अवीव/तेहरान (एजेंसी)। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध शनिवार को आठवें दिन में पहुंच गया। इस बीच अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान के मिसाइल प्रक्षेपण ठिकानों और मिसाइल निर्माण करने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना है। उनके अनुसार इस कार्रवाई से ईरान की मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर करने की कोशिश की जाएगी। इसी बीच शुक्रवार देर रात इजराइल ने तेहरान स्थित मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया। हमले के बाद एयरपोर्ट परिसर में आग लग गई और आसमान में धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। दूसरी ओर खबर है कि युद्ध के दौरान रूस ईरान को खुफिया सहायता दे रहा है। रूस ने मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की स्थिति से जुड़ी जानकारी ईरान को उपलब्ध कराई है, जिससे वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सके।
कोच्चि बंदरगाह पर रुका ईरान का युद्धपोत
ईरान का युद्धपोत आईआरआईएस लावन इस समय भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। जहाज में तकनीकी खराबी आने के बाद ईरान ने 28 फरवरी को भारत से सहायता मांगी थी। इसके बाद भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में रुकने की अनुमति दी और 4 मार्च को यह बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज के 183 चालक दल के सदस्य फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना पर श्रीलंका के पास हमला कर उसे डुबो दिया था। इस हमले में 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो गई थी

