रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। प्रदेश के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में अब तक विद्यार्थियों को पूरी तरह नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता था, लेकिन नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने पहली बार इन विद्यालयों में प्रवेश के दौरान स्थानीय शुल्क लेने का निर्णय लिया है। यह शुल्क कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों से लिया जाएगा।
जारी जानकारी के अनुसार हाई स्कूल के विद्यार्थियों से 500 रुपए तथा हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों से 550 रुपए शुल्क लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह फैसला विद्यालयों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए लिया गया है, क्योंकि अब तक स्थानीय शुल्क नहीं लिए जाने के कारण स्कूलों को विभिन्न गतिविधियों और आवश्यक संसाधनों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। विद्यालयों में प्रयोगशाला सामग्री, खेल सामग्री, परीक्षा संचालन और अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में लगातार परेशानी आ रही थी। कई स्कूलों को छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था या उधार का सहारा लेना पड़ रहा था। लंबे समय से विभागीय स्तर पर मांग की जा रही थी कि विद्यालयों को स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने की अनुमति दी जाए।
9वीं से 12वीं तक छात्रों पर बढ़ेगा शुल्क का बोझ
इसी के साथ सामान्य शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के स्थानीय शुल्क में भी वृद्धि की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कक्षा 9वीं-10वीं में स्थानीय शुल्क 410 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है, जबकि कक्षा 11वीं-12वीं के लिए 445 रुपए के स्थान पर अब 550 रुपए निर्धारित किए गए हैं। विभाग ने शुल्क वृद्धि के पीछे परीक्षा सामग्री, खेल संसाधनों और विज्ञान प्रयोगशालाओं की बढ़ती लागत को प्रमुख कारण बताया है।

