मुआवजा और केस वापस लेने पर बनी सहमति, सरकार ने फैसला लेने के लिए मांगा एक दिन का समय
नई दिल्ली। पेपर लीक विवाद को लेकर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक हुई। बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, जबकि सीजेपी की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए। इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “अपराधी शिक्षा मंत्री” बताया। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के लिए धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं और उन्हें तत्काल पद छोड़ देना चाहिए।
बैठक के बाद सीजेपी ने स्पष्ट किया कि वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेगी। हालांकि प्रदर्शनकारियों को मुआवजा देने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर सरकार ने सहमति जताई है। सरकार ने बाकी मांगों पर निर्णय के लिए शनिवार तक का समय मांगा है। जेपी नड्डा ने बताया कि वार्ता के दौरान सीजेपी ने तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े पांच सुझाव सरकार के सामने रखे हैं। इन पर विचार के बाद सरकार अपना पक्ष रखेगी।
राहुल ने घायल छात्र को मीडिया के सामने लाकर दिखाए जख्म
राहुल गांधी ने आंदोलन के दौरान घायल हुए एक छात्र को मीडिया के सामने लाकर उसके हाथ में लगे घाव दिखाए। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए और कुछ की आंखों की रोशनी तक प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि ये छात्र पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन पेपर लीक होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

