राज्योत्सव-2026 में बालको के प्रदर्शनी पैवेलियन को मिला तीसरा पुरस्कार, महिला नेतृत्व और तकनीकी नवाचार की दिखी झलक

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      • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालको की टीम को किया सम्मानित, 128 गांवों में सामुदायिक विकास और 1.8 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच की पहल को भी किया गया प्रदर्शित

      बालकोनगर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी प्रभावशाली प्रदर्शनी के जरिए विशेष पहचान बनाई। राज्योत्सव में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उपक्रम श्रेणी के अंतर्गत बालको के प्रदर्शनी पैवेलियन को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालको की संवाद प्रमुख शुभ्रा आर. और जनसंपर्क अधिकारी विजय बाजपेयी को यह पुरस्कार प्रदान किया।

          बालको

          नवा रायपुर अटल नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव में बालको ने अपने पैवेलियन के माध्यम से औद्योगिक उपलब्धियों, महिला नेतृत्व, तकनीकी नवाचार और सामाजिक विकास से जुड़ी गतिविधियों को प्रदर्शित किया। बालको के प्रदर्शनी पैवेलियन की थीम ‘महिला शक्ति से विकसित भारत की नई उड़ान’ रखी गई थी। इसके माध्यम से औद्योगिक संचालन से लेकर तकनीकी नवाचार और सामुदायिक विकास तक महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाया गया। राज्योत्सव की मुख्य थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ के अनुरूप प्रदर्शनी में बताया गया कि किस तरह महिलाओं को औद्योगिक क्षेत्र में नेतृत्व और भागीदारी के नए अवसर मिल रहे हैं। प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण भारत के पहले और सबसे बड़े 525 किलो-एम्पीयर एल्युमिनियम स्मेल्टर का मॉडल रहा। इसके माध्यम से आगंतुकों को बालको की आधुनिक उत्पादन क्षमता, तकनीकी दक्षता और विनिर्माण क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही एल्युमिनियम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया और उसकी मूल्य श्रृंखला को भी प्रदर्शित किया गया। बुनियादी ढांचे के विकास, राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में एल्युमिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका को भी समझाया गया।

          128 गांवों में विकास कार्य, 1.8 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच

          बालको ने अपनी औद्योगिक उपलब्धियों के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास और आजीविका संवर्धन से संबंधित पहलों की जानकारी दी गई। कंपनी के अनुसार, इन प्रयासों के माध्यम से 128 गांवों में सकारात्मक बदलाव लाने और 1.8 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने में योगदान दिया गया है। राज्योत्सव के तीनों दिनों में बालको के प्रदर्शनी पैवेलियन को देखने प्रदेशभर से नागरिक, जनप्रतिनिधि और शासन के अधिकारी पहुंचे। पुरस्कार के माध्यम से बालको की औद्योगिक उपलब्धियों के साथ सामाजिक विकास, महिला सशक्तिकरण और छत्तीसगढ़ की प्रगति में कंपनी के योगदान को भी पहचान मिली।

          औद्योगिक प्रगति के साथ सामाजिक विकास भी जरूरी : राजेश सिंह

          बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने इस सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्योत्सव में मिला पुरस्कार पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रगति और सामाजिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, तकनीकी नवाचार और मजबूत विनिर्माण क्षमता के माध्यम से कंपनी नए अवसरों का सृजन करने के साथ समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। वहीं, बालको के हेड कॉरपोरेट अफेयर्स एवं एडमिनिस्ट्रेशन कैप्टन धनंजय मिश्रा ने कहा कि सतत विकास के लिए लोगों और समुदायों को सशक्त बनाना जरूरी है। कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और सतत कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में कंपनी लगातार प्रयास कर रही है, ताकि लोगों के जीवन स्तर में सुधार के साथ दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

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