रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना हर पत्रकार की जिम्मेदारी है। समाचारों में सत्य, तथ्य और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति से जुड़ी खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी पुष्टि जरूरी है।

राज्यपाल कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया और मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के दौर में सूचनाएं तेजी से प्रसारित हो रही हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर मौजूद हर जानकारी सही हो, यह जरूरी नहीं है। पत्रकारों को समाचार प्रसारित करने से पहले उसकी तथ्य-जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं जो सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो सही और तथ्यपरक खबर जिम्मेदारी के साथ दे।
राज्यपाल ने कहा कि एआई के कारण मीडिया और पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। विश्वविद्यालय में स्थापित मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने और उनके जिम्मेदार उपयोग के लिए तैयार करेगा। उन्होंने प्रिंट मीडिया को आज भी विश्वसनीय माध्यम बताते हुए कहा कि पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की समस्याओं और जरूरतों को सामने लाने का काम करना चाहिए। साथ ही ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं की कहानियां भी समाज तक पहुंचानी चाहिए, जिन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
छात्राओं को मिलेगा सुरक्षित वातावरण
सावित्रीबाई फुले के नाम पर शुरू किए गए कन्या छात्रावास को लेकर राज्यपाल ने कहा कि यह दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएगा। इससे उनकी उच्च शिक्षा और प्रतिभा विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने और कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित करने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में कुलपति मनोज दयाल, विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
राज्यपाल रमेन डेका से निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों की मुलाकात

