रायपुर।(एजेंसी) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार किसी पर गोली चलाना नहीं चाहती, सभी नक्सली हथियार डाल दें। उनके लिए रेड कार्पेट बिछाकर हम उनका स्वागत करेंगे। रविवार को गृहमंत्री अमित शाह राजधानी रायपुर में नक्सलवाद पर हाईलेवल मीटिंग ली। बैठक के पहले सेशन में इंटेलिजेंस इनपुट्स और विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। अमित शाह ने कहा कि अगर बस्तर नक्सली समस्या से प्रभावित नहीं होता, तो आज यह देश का सबसे विकसित जिला होता। आने वाले 10 वर्षों में बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनेगा।

शाह ने एक्स जानकारी शेयर करते हुए लिखा कि-आज रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार और अधिकारियों के साथ नक्सल विरोधी अभियानों पर समीक्षा बैठक की। सिक्योरिटी सेंट्रिक स्ट्रेटजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं।
इस 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है। शाह ने आगे लिखा- जो छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, भाजपा की डबल इंजन सरकार में विकास का पर्याय बन चुका है। यहां के युवा स्पोर्ट्स, फॉरेंसिक और टेक्निकल एजुकेशन को गति देते हुए अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी सहेज रहे हैं। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, कई प्रदेशों के डीजीपी सहित एसीएस गृह, CRPF और कई अन्य सैन्य सुरक्षा के डीजीपी शामिल हुए।
31 मार्च से पहले नक्सली समस्या खत्म
गृहमंत्री ने कहा कि अब नक्सली से 90 प्रतिशत क्षेत्र मुक्त हो चुका है और उन्होंने दोहराया कि 31 मार्च से पहले नक्सली समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा। हालांकि, उन्होंने नक्सलीयो से हथियार छोड़ने की अपील भी की और कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति से जुड़े अहम दौर की शुरुआत हो रही है। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन अब नजदीक आ चुकी है।

