रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने बालोद में आयोजित जंबूरी कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं का मामला सदन में उठाया। उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री से सवाल किया कि आयोजन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम कैसे शुरू कर दिया गया और महज चार दिनों के भीतर पूरा निर्माण कार्य कैसे संपन्न हो गया।

इस पर जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शायरी के अंदाज में प्रतिक्रिया दी और कहा कि नेशनल स्तर के काम की प्रकृति अलग होती है और हमारा काम अलग होता है। हालांकि विपक्ष ने इस जवाब पर असंतोष जताया। सदन में स्कूलों के युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा गया। वहीं अतिथि शिक्षकों के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
इसी बीच उद्योगों को कम दर पर जमीन आवंटन का मामला भी गरमा गया। खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव ने उद्योग मंत्री से सवाल किया कि उद्योगपतियों को 253 एकड़ जमीन मात्र 4 लाख 82 हजार 302 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से 99 वर्षों के लिए किस नियम के तहत आवंटित की गई है। इस पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब दिया कि राज्य सरकार नवीन ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सौर विद्युत परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध करा रही है। मंत्री के इस जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और सदन में जोरदार हंगामा किया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र : नेशनल हेराल्ड मामले कांग्रेस का प्रदर्शन

