अमेरिका के फैसले से भारतीय कारोबार को राहत, रूस से तेल खरीदने पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का था प्रावधान
नई दिल्ली (एजेंसी)। रूस से कच्चा तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत को अमेरिका से बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने तथा प्रतिबंधों से जुड़े कानून के कई प्रावधानों के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। शुक्रवार को जारी कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने इस फैसले को अमेरिका के राष्ट्रीय हित में बताया।
प्रस्तावित कानून के तहत रूस से ऊर्जा खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों के अमेरिकी बाजार में आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता था। इसका उद्देश्य रूस की आर्थिक आय पर दबाव बढ़ाना और यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए उसके वित्तीय संसाधनों को सीमित करना था। ताजा फैसले से भारत पर इस कानून के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने का खतरा फिलहाल टल गया है भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। रूस से तेल की खरीद भारतीय ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। ऐसे में अमेरिका की ओर से अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने की आशंका से भारतीय निर्यातकों और कारोबारियों की चिंता बढ़ सकती थी। ट्रंप के नए आदेश से भारत को फिलहाल राहत मिली है। इससे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए भी गुंजाइश बनी रहेगी। हालांकि, यह राहत स्थायी है या नहीं, यह अमेरिकी प्रशासन के आगामी फैसलों पर निर्भर करेगा।
सितंबर में कानून पर किए थे हस्ताक्षर
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून का उद्देश्य रूस के ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों पर आर्थिक दबाव बढ़ाना तथा प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई करना था। कानून में रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रावधान भी शामिल था। अब ट्रंप ने राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए इसके कई प्रावधानों पर फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि, भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार इन प्रावधानों पर फिर कार्रवाई की जा सकती है।
आगे क्या होगा?
अमेरिका के इस कदम से भारत को रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर तत्काल राहत मिली है। हालांकि, इससे रूस पर लागू सभी प्रतिबंध समाप्त नहीं हुए हैं और न ही भारत-अमेरिका व्यापार से जुड़े सभी विवाद खत्म हुए हैं। आगे अमेरिकी प्रशासन की नीतियां और दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत इस मामले में महत्वपूर्ण रहेंगी।
रूस से तेल खरीदने की भारत को मिली छूट, पेट्रोल-डीजल कीमतों पर राहत के संकेत

