अटलजी की प्रतिमा में भ्रष्टाचार शर्मनाक, भाजपा सरकार को जनता से माफी मांगनी चाहिए : डॉ. चरणदास महंत

      Date:

      • कांस्य की जगह सीमेंट की प्रतिमा लगाकर अटलजी की स्मृति से खिलवाड़, पूरे प्रदेश की प्रतिमाओं की कराई जाए जांच

      कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कटघोरा स्थित अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के निर्माण में कथित अनियमितता को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे सर्वमान्य नेता की स्मृति के साथ भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का गंभीर खिलवाड़ किया गया है।

          Leader of the Opposition Dr. Charandas Mahant

          डॉ. महंत ने कहा कि कटघोरा के अटल परिसर में लगभग 14 लाख रुपये की लागत से कांस्य प्रतिमा स्थापित की जानी थी, लेकिन आरोप है कि कांस्य की जगह सीमेंट की प्रतिमा बनाकर उस पर रंग-रोगन कर स्थापित कर दिया गया। हाल की बारिश के बाद प्रतिमा की सतह उखडऩे से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि पानी में बह जाने वाली कांस्य प्रतिमा का यह शायद दुनिया का पहला मामला होगा। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि प्रतिमा वास्तव में कांस्य की थी तो उसका कांस्य आखिर कहां गया और यदि सीमेंट की थी तो स्वीकृत सामग्री के विपरीत निर्माण कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक प्रतिमा तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी धन, सरकारी व्यवस्था और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की गरिमा से जुड़ा हुआ है। डॉ. महंत ने मांग की कि इस मामले में ठेकेदार के राजनीतिक संबंधों सहित पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि निर्माण का ठेका किसे दिया गया, स्वीकृत सामग्री क्या थी और मौके पर किस सामग्री का उपयोग किया गया।

          प्रदेशभर की प्रतिमाओं की जांच हो

          नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधानसभा में उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदेश के नगरीय निकाय क्षेत्रों में 183 अटल परिसर और अटल चौक विकसित करने तथा अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। ऐसे में केवल कटघोरा की प्रतिमा की जांच पर्याप्त नहीं होगी। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में स्थापित सभी अटल प्रतिमाओं की सामग्री और गुणवत्ता की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। जहां भी घटिया निर्माण, वित्तीय अनियमितता या स्वीकृत मानकों का उल्लंघन मिले, वहां संबंधित ठेकेदार, सप्लायर और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

          अटलजी दलगत राजनीति से ऊपर थे

          डॉ. महंत ने कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और राजीव गांधी ने भी अटल बिहारी वाजपेयी का सम्मान किया था। उन्होंने कहा कि अटलजी की राजनीतिक विरासत दलगत सीमाओं से कहीं ऊपर रही है और ऐसे नेता की स्मृति के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

          उच्चस्तरीय जांच और एफआईआर की मांग

          डॉ. महंत ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, सरकारी राशि की वसूली करने तथा प्रदेश में स्थापित सभी अटल प्रतिमाओं का भौतिक सत्यापन कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि यह अटलजी का सम्मान है या उनके नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला।

          स्व. बिसाहूदास महंत कबीर पंथी होने के साथ गांधीवादी विचारधारा के समर्थक थे : डॉ. चरणदास महंत

              Share post:

              Popular

              More like this
              Related

              नशा जीवन को खोखला कर देता है : मंत्री लखनलाल देवांगन

              प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया नशामुक्त युवा फॉर...

              मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 5 अगस्त को होगी मंत्रिपरिषद की बैठक

              रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य...