दुर्ग-भिलाई (AkhandBharatHNKP.Com)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमर इंफ्रा ग्रुप के संचालक चतुर्भुज राठी के ठिकानों पर छापेमारी की। महेश कॉलोनी स्थित उनके कार्यालय में कार्रवाई जारी है, जहां अधिकारी वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम सुबह करीब 6 बजे दो गाडिय़ों में पहुंची और दफ्तर को घेरकर जांच शुरू कर दी। टीम कंप्यूटर, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि अमर इंफ्रा ग्रुप के तहत 6 से ज्यादा फर्म संचालित हैं, जिनके निवेश और लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। चतुर्भुज राठी का नाम स्थानीय राजनीति से भी जुड़ा बताया जाता है। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई को लेकर ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई भारतमाला प्रोजेक्ट में सामने आए मुआवजा घोटाले से जुड़ी हो सकती है। इस मामले में भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि प्रोजेक्ट से गुजरने वाले इलाकों में नेताओं ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर जमीन खरीदी और बाद में भारी मुआवजा हासिल किया। जांच में यह भी सामने आया है कि पटवारी और राजस्व निरीक्षकों ने मुआवजे के प्रकरण तैयार कर कलेक्टरों को भेजे, जिन पर मंजूरी के बाद भुगतान किया गया। इस कड़ी में 27 अप्रैल को भी कई ठिकानों पर छापेमारी हुई थी, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
कलेक्टर और बड़े अधिकारियों पर जांच की आंच
करीब 12 जिलों के तत्कालीन कलेक्टरों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। इनमें से कुछ पर कमीशन लेने के आरोप हैं। रायपुर, कोरबा, धमतरी, बिलासपुर और दुर्ग जिलों के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं। बता दें कि आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने इस घोटाले में पहले ही एफआईआर दर्ज कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एसडीएम, पटवारी, आरआई और प्रॉपर्टी डीलर शामिल हैं। इसी आधार पर ईडी ने भी मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
कोरबा में सबसे ज्यादा गड़बड़ी के संकेत
जांच एजेंसियों के अनुसार, रायपुर के बाद कोरबा जिले में सबसे अधिक मुआवजा गड़बड़ी सामने आई है। यहां मुआवजा वितरण में अनियमितताओं के आरोप हैं और कुछ पूर्व कलेक्टरों की भूमिका की जांच जारी है। फिलहाल, ईडी की टीम लगातार दस्तावेजों की जांच में जुटी है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

