नई दिल्ली (एजेंसी)। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए प्रावधान के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों को जारी 36 पन्नों वाला सामान्य पासपोर्ट पांच साल तक या बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा। संशोधित प्रावधान पासपोर्ट नियम, 1980 में किए गए हैं और राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के साथ प्रभावी हो गए हैं।
नए नियम के अनुसार यदि किसी बच्चे को 15 वर्ष से कम उम्र में पासपोर्ट जारी किया जाता है तो उसकी वैधता अधिकतम पांच साल होगी। हालांकि, यह वैधता बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद जारी नहीं रहेगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी बच्चे का पासपोर्ट 14 वर्ष की उम्र में बनता है, तो पांच साल की अवधि पूरी होने से पहले ही उसके 18वें जन्मदिन पर पासपोर्ट की वैधता समाप्त हो जाएगी।
पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा
नियमों में बदलाव के साथ पासपोर्ट सेवाओं की फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। बढ़ी हुई फीस नए पासपोर्ट आवेदन, दोबारा जारी कराने, तत्काल सेवा, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट तथा पुलिस अनापत्ति प्रमाण-पत्र जैसी सेवाओं पर लागू है।
वयस्कों के सामान्य पासपोर्ट की नई फीस इस प्रकार है—
- 36 पन्नों वाला पासपोर्ट: 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपये
- 60 पन्नों वाला पासपोर्ट: 2,000 से बढ़कर 3,500 रुपये
- 36 पन्नों का तत्काल पासपोर्ट: 3,500 से बढ़कर 5,000 रुपये
- 60 पन्नों का तत्काल पासपोर्ट: 4,000 से बढ़कर 6,000 रुपये
- 60 पन्नों वाले पासपोर्ट को तत्काल श्रेणी में बदलने की फीस: 5,500 से बढ़कर 8,500 रुपये
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को 10 प्रतिशत छूट
8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट आवेदन पर मिलने वाली 10 प्रतिशत फीस छूट जारी रहेगी। हालांकि, यह छूट पासपोर्ट दोबारा जारी कराने वाले आवेदन पर लागू नहीं होगी। नए नियमों के बाद नाबालिग बच्चों का पासपोर्ट बनवाने या दोबारा जारी कराने वाले अभिभावकों को आवेदन से पहले संबंधित श्रेणी की वर्तमान फीस, वैधता और पात्रता संबंधी नियमों की जांच कर लेनी चाहिए। इससे आवेदन के दौरान अतिरिक्त परेशानी से बचा जा सकता है।

