उत्तराखंड : हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर मची भगदड़, 6 लोगों की गई जान

      25 से 30 लोग हुए घायल, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने जताया दुख

      Date:

      Crowd gathered outside Mansa Devi temple
      मां मनसा देवी मंदिर के बाहर लगी भीड़
      The injured were taken to the hospital via ambulance
      घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाती एम्बुलेंस

          उत्तराखंड (एजेंसी) (AkhandBharatHNKP.Com)। हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हुआ है। जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई है। लगभग 25 लोग बुरी तरह से घायल हो चुके हैं। मौके पर राहत एवं बचाव अभियान चल रहा है। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम घायलों को अस्पताल पहुंचाने लगी। हादसे की वजह भारी भीड़ बताया जा रहा है। बता दें कि ये मंदिर हरिद्वार में काफी प्रसिद्ध है और हरिद्वार घूमने के लिए आने वाले पर्यटक इस मंदिर में जरूर दर्शन करने जाते हैं।
          उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने का अत्यंत दु:खद समाचार है। एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस, स्थानीय पुलिस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गए हैं। इस संबंध में निरंतर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं। मनसा देवी में भीड़ का वीडियो सामने आया है, जिसमें दिखाई दे रहा है कि लोग आपस में चिपके हुए हैं और चीख-चिल्ला रहे हैं। कई छोटे बच्चे भी फंसे हुए दिख रहे हैं और निकलने की कोई जगह नजर नहीं आ रही है।

          दर्शन के लिए भारी संख्या में पहुंचे थे श्रद्धालु

          मिली जानकारी के अनुसार, भगदड़ उस समय हुई जब मंदिर मार्ग पर हाईवोल्टेज लाइन का तार टूटकर गिर गया। मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। तार टूटने से अचानक मची अफरा-तफरी की वजह से स्थिति बेकाबू हो गई। गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ जमा होने के बाद मची भगदड़ मच गई। भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया, प्रथम दृष्टया ये सामने आया है कि भगदड़ का कारण यह है कि कुछ लोगों ने अफवाह फैला दी कि वहां पर बिजली के तार में करंट फैल गया है उसी वजह से भगदड़ हुई है। डॉक्टर्स ने भी बताया कि मौत भगदड़ की वजह से हुई है।

          35 लोगों को अस्पताल लाया गया

          हरिद्वार में मची भगदड़ में 6 लोगों की मौत पर एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने कहा, हमें कुछ लोगों के घायल होने की खबर मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। लगभग 35 लोगों को अस्पताल लाया गया और 6 की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बाकी का इलाज चल रहा है। प्रथम दृष्टया, मंदिर मार्ग से 100 मीटर नीचे सीढिय़ों पर बिजली का झटका लगने की अफवाह के कारण भगदड़ मची। हम आगे की जांच कर रहे हैं।

          चारदीवारी बनी भगदड़ का कारण : पुजारी उज्जवल पंडित

          गंगा सभा से जुड़े तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने बताया, यह घटना सुबह करीब 9 से 9:15 बजे के बीच हुई जब हमने तीर्थयात्रियों को मदद के लिए पुकारते सुना। चूंकि यह केवल पैदल चलने का रास्ता है, इसलिए तुरंत अफरा-तफरी और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय व्यापारी और निवासी शुरू में समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है। उन्होंने आगे कहा, जल्द ही एम्बुलेंस पहुंच गईं और हमने घायलों को ले जाने में पुलिस की मदद की। माना जा रहा है कि रास्ते के पास एक चारदीवारी भी भगदड़ का कारण बनी। उत्तर प्रदेश के एक तीर्थयात्री ने कहा, मैंने जो देखा, उससे लगभग 20 लोग घायल लग रहे थे। घटना के बाद, मंदिर के द्वार बंद कर दिए गए और सभी तीर्थयात्रियों को वापस जाने के लिए कहा गया।

          गंगा नदी के किनारे पहाड़ी पर स्थित है मनसा देवी मंदिर

          मनसा देवी मंदिर उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल है। यह मंदिर मां मनसा देवी को समर्पित है, जिन्हें सर्पों की देवी और इच्छा पूर्ति करने वाली माता के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर हरिद्वार के तीन प्रमुख सिद्धपीठों में से एक है, अन्य दो चंडी देवी मंदिर और माया देवी मंदिर हैं। ये मंदिर हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे एक पहाड़ी पर है। मंदिर तक पहुंचने के लिए दो रास्ते हैं। जिसमें एक तो रोपवे (उडऩ खटोला) है और दूसरा रास्ता सीढिय़ों से होकर जाता है। रोपवे सुविधाजनक और लोकप्रिय तरीका है, जो श्रद्धालुओं को पहाड़ी की चोटी तक ले जाता है। वहीं पैदल मार्ग एक धार्मिक और प्राकृतिक अनुभव प्रदान करता है। मां मनसा देवी को इच्छा पूर्ति की देवी माना जाता है। भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए मंदिर में धागा (मनसा धागा) बांधते हैं और इच्छा पूरी होने पर उसे खोलने आते हैं। यह मंदिर शक्ति उपासना का केंद्र है और नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से भीड़ होती है।

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