बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव : मुख्यमंत्री

      सीएम साय समाजसेवी व राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जनशताब्दी समारोह में हुए शामिल

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          मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायरायपुर (AKHANDBHARATHNKP.COM)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंबिकापुर में जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह में शामिल हुए। इस दौरान भूमिपूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीएम साय ने बाबा कार्तिक उरांव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव हैं। उन्होंने विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी धर्म, संस्कृति और सभ्यता को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने पुरखों के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए उच्चतम शिक्षा अर्जित की और समाज को दिशा दी।

          https://dprcg.gov.in/post/1761749388/Raipur-Baba-Kartik-Oraon-dedicated-his-life-for-the-upliftment-of-the-tribal-society-Chief-Minister-Shri-Vishnu-Dev-Sai
          कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आगे कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह कथन- जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे- आज भी हमें प्रेरित करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले बाबा कार्तिक उरांव चौक का भूमि पूजन किया तथा मूर्ति एवं चौक निर्माण के लिए 40.79 लाख की राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह चौक बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, विचारों और योगदान की स्मृति को सहेजने का प्रतीक बनेगा। इस अवसर पर सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

          बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत : नेताम

          कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज के उत्थान और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और रीति-रिवाजों को सम्मान देते हुए समाज को आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। साथ ही सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने सदैव समाज में एकता, शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। आज यह आवश्यक है कि हम उनके आदर्शों और बताए मार्ग पर चलकर समाज को संगठित करें और एकता के सूत्र में बांधें, जिससे जनजातीय समाज सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में अपनी भागीदारी निभा सके।

          राज्य स्तरीय परंपरागत वैद्य सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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