विद्याभारती मध्य क्षेत्रीय कबड्डी प्रतियोगिता का समापन, विजेता खिलाड़ियों को पदक, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर किया गया सम्मानित
चांपा (AkhandBharatHNKP.Com)। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि खेल केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, ऊर्जा और सकारात्मक सोच विकसित करने का माध्यम है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है, इसलिए विद्यार्थियों और युवाओं को पढ़ाई के साथ नियमित रूप से खेलों के लिए भी समय देना चाहिए।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव चांपा के सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विद्याभारती मध्य क्षेत्रीय क्षेत्रीय कबड्डी प्रतियोगिता-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। समारोह में विजेता टीम को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सांसद कमलेश जांगड़े भी उपस्थित रहीं। उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि मैदान में बहाया गया पसीना शरीर को स्वस्थ रखने के साथ जीवन में उत्साह और ऊर्जा बनाए रखता है। खेल में जीत और हार दोनों होती हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खिलाड़ी हर मुकाबले से कुछ न कुछ सीखता है। खेल हमें अनुशासन में रहना, आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करना और लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास करना सिखाता है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा के साथ अनुशासन और संस्कारों से जोड़ने का कार्य कर रही है। एक अच्छा खिलाड़ी अनुशासित जीवन जीता है और कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटता। कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े, पूर्व सांसद कमला देवी पाटले, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका चांपा अध्यक्ष प्रदीप नामदेव, नगर पालिका जांजगीर-नैला अध्यक्ष रेखा देवा गढ़ेवाल, जिला पंचायत सदस्य राजकुमार साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी और खिलाड़ी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
असफलता से सीखकर दोबारा प्रयास करें
उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब कोई बच्चा चलना सीखता है तो वह कई बार गिरता है, लेकिन हर बार उठकर दोबारा प्रयास करता है। लगातार प्रयास के बाद वही बच्चा चलना और दौड़ना सीख जाता है। इसी तरह जीवन में असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर नए उत्साह के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, समर्पण और आत्मविश्वास के साथ किया गया प्रयास सफलता की राह खोलता है। असफलता को अंत नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का अवसर मानना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
अनुशासन और संस्कार जीवन की मजबूत नींव : सांसद
सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिरों में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन और शिष्टाचार का संस्कार दिया जाता है। यही संस्कार उन्हें भविष्य में एक बेहतर इंसान बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के विद्यार्थी शिक्षा के साथ खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

