बालको का जी- 9 प्रोजेक्ट कानूनों का खुला उल्लंघन : जयसिंह अग्रवाल

      बोले- यह केवल अवैध निर्माण का मामला नहीं, बल्कि कानून, पर्यावरण और नागरिक अधिकारों पर संगठित हमला

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          कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के पूर्व केबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र भेजकर बालको प्रबंधन पर गंभीर एवं आपराधिक प्रकृति के आरोप लगाए हैं। जी-9 नाम से संचालित यह प्रोजेक्ट राजस्व नियमों, पर्यावरणीय कानूनों, वन संरक्षण अधिनियम, नगर नियोजन अधिनियम तथा सार्वजनिक संपत्ति संरक्षण कानूनों का खुला उल्लंघन करता प्रतीत हो रहा है।

          जयसिंह अग्रवाल

          जंगल-मद भूमि पर अवैध निर्माण

          खसरा नंबर 191/1 को बालको ने सामान्य भूमि बताकर फर्जी अभिलेख प्रस्तुत किए, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि जंगल-मद दर्ज है। ऐसी भूमि पर निर्माण करने के लिए राज्य सरकार व केंद्र सरकार की अनिवार्य अनुमति आवश्यक होती है जिसे बालको ने जानबूझकर छिपाया।

          440 पेड़ों की वास्तविक संख्या छिपाकर फर्जी पेड़-कटाई रिपोर्ट

          स्थल निरीक्षण में लगभग 440 वृक्ष पाए गए, लेकिन बालको ने केवल 172 वृक्ष बताकर फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाई। यह पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तथा जैव विविधता अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है।

          एसडीएम द्वारा अनुमति निरस्त करने के बाद भी लगातार अवैध निर्माण जारी

          03 जून 2025 को एसडीएम राजस्व द्वारा अनुमति निरस्त किए जाने के बावजूद बालको ने निर्माण कार्य जारी रखा, ड्रेनेज/नाला अवरुद्ध किया, सार्वजनिक मार्ग पर कब्जा बढ़ाया, और बाउंड्रीवॉल निर्माण हेतु अतिक्रमण किया। यह प्रशासनिक आदेश की खुली अवमानना है।

          पर्दा डालने हेतु भूमिपूजन का आयोजन

          17 नवंबर 2025 को उस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन आयोजित किया गया जिसकी भूमि जंगल-मद है, जिसकी अनुमति निरस्त है, जिसकी पेड़-कटाई संख्या फर्जी है, जिसकी स्वीकृतियाँ असंगत हैं। इस आयोजन को जनता को भ्रमित करने का कृत्य बताते हुए जयसिंह अग्रवाल ने इसकी भत्र्सना की है।

          सार्वजनिक मार्ग का अवरोध, नागरिक अधिकारों का हनन

          मिनीमाता चैक से इंदिरा मार्केट तक जाने वाला प्रमुख मार्ग बालको द्वारा अवरुद्ध किया जा रहा है जिससे व्यापारियों, विद्यार्थियों, दैनिक यात्रियों और टाउनशिप निवासियों को भारी परेशानी हो रही है। सार्वजनिक भूमि व जल निकासी मार्ग पर अवैध कब्जा- बाउंड्रीवॉल निर्माण हेतु सार्वजनिक भूमि व ड्रेनेज लाइन पर अतिक्रमण कर जलभराव व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

          मुख्यमंत्री से की गई प्रमुख मांगें

          पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से तत्काल-जी-9 परियोजना के सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाने, भूमि, पर्यावरण व स्वीकृतियों की उच्चस्तरीय विशेष जांच, फर्जी दस्तावेजों व आदेश उल्लंघन पर बालको प्रबंधन के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने व सार्वजनिक मार्ग को तुरंत खोलने, ड्रेनेज व भूमि को मूल स्थिति में पुनर्स्थापित करने तथा संलिप्त अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई जैसे निर्णय लेने की मांग की है। जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि यह केवल अवैध निर्माण का मामला नहीं, बल्कि कानून, पर्यावरण और नागरिक अधिकारों पर संगठित हमला है। श्री अग्रवाल ने कहा कि बालको प्रबंधन की इन कार्रवाइयों से यह सिद्ध होता है कि वे स्वयं को कानून से ऊपर मानते हैं। जनता को विश्वास है कि मुख्यमंत्री इस विषय में शीघ्र व कठोर निर्णय करेंगे।

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