Friday, February 6, 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र : राशन-कार्ड में गड़बड़ी का उठा मुद्दा, भाजपा विधायक ने खाद्य-मंत्री को घेरा

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रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के तीसरे दिन एपीएल से बीपीएल राशन कार्ड परिवर्तन के मुद्दे पर भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने अपनी ही सरकार को घेरते हुए गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एपीएल कार्ड डिलीट कर बीपीएल कार्ड बनाए गए और इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज हुई है।
आरोपों को खारिज करते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि कोई परिवर्तन नहीं हुआ जांच में सिर्फ 19 राशन कार्ड में गड़बड़ी मिली। जिनमें से 4 मामलों में जोन क्रमांक-4 के जोन कमिश्नर की अनुशंसा पर कार्रवाई की गई है और जांच जारी है। इस पर सुशांत शुक्ला ने फिर आपत्ति जताई जबकि पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने आधे घंटे की चर्चा की मांग की। विधायक धर्मजीत सिंह ने विधानसभा या हाई पावर कमेटी से जांच कराने और धरमलाल कौशिक ने सदन को गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। विधायक इंद्र कुमार साहू ने जैतूसाव मठ की जमीन बेचे जाने का मामला उठाया। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने माना कि रायपुर में भू-माफियाओं 10 जमीनें बेचीं। उनके मुताबिक दो मामले हाईकोर्ट से पेडिंग है और आठ मामलों में एफआईआर करवा रहे हैं। विधायक ने सचिव स्तर समिति द्वारा जांच कराने की मांग की। इस दौरान, सदन में बस्तर में आई बाढ़ से बर्बादी का मुद्दा भी उठा, कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी के सवाल का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने माना कि बाढ़ में 12 लोगों की जान गई थी।

सड़क मरम्मत के मुद्दे पर हुई बहस

इधर, प्रश्नकाल के दौरान ही सड़क मरम्मत को लेकर सदन में तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल ने डोंगरगढ़ क्षेत्र सहित राजनांदगांव और खैरागढ़ जिलों की मरम्मत योग्य सड़कों पर कार्रवाई को लेकर लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के जवाब पर सवाल उठाए। मंत्री ने बताया कि दोनों जिलों में 48 सड़कें चिन्हित हैं, जिनमें 39 के टेंडर हो चुके हैं, 4 का काम पूरा हो गया है और 5 पर कार्य शुरू होना बाकी है। इस पर हर्षिता बघेल ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर किसी भी सड़क पर काम शुरू नहीं हुआ और मंत्री ने सदन को गलत जानकारी दी है। विवाद बढऩे पर आसंदी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मंत्री की ओर से दी गई जानकारी रिकॉर्ड में ली जाएगी और वही आधिकारिक मानी जाएगी, इसके बाद कार्यवाही आगे बढ़ी।

हॉस्पिटल निर्माण का मुद्दा उठा

जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने महारानी अस्पताल में प्रस्तावित कैंसर क्लिनिक और सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि 12 जून 2025 को स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक सिर्फ टेंडर प्रक्रिया ही चल रही है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि डीपीआर निजी एजेंसी से तैयार कराई जाती है और ईएनसी के माध्यम से स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मंत्री ने यह भी बताया कि पूर्व प्रवास के दौरान माताओं के लिए एमआरडी भवन की मांग के बाद उसमें भी स्वीकृति जोड़ी गई। दोबारा सवाल पर मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया कि कैंसर क्लिनिक और सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल दोनों का निर्माण कार्य जनवरी से शुरू कर दिया जाएगा।

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