एससी-एसटी एक्ट की लगाई गई धारा
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। रामकृष्ण केयर अस्पताल में 17 मार्च को सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत के मामले में पुलिस ने अब अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। पहले केवल ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन परिजनों और सामाजिक संगठनों की मांग पर मुख्य जिम्मेदारी तय करने के लिए अस्पताल प्रबंधन को आरोपी बनाया गया है।

सहायक पुलिस आयुक्त नवनीत पाटिल ने बताया कि एफआईआर में अब एससी/एसटी एट्रोसिटी एक्ट (एट्रोसिटी एक्ट की धारा) भी जोड़ी गई है। इससे पहले राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने परिजनों से मुलाकात कर अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि मामले में मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जाए।
जहरीली गैस बनी मौत का कारण
हादसे के दिन सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए सिमरन सिटी के तीन मजदूर—गोविंद सेंद्रे, अनमोल मांझी और प्रशांत कुमार—को बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतारा गया। टैंक में जमा जहरीली गैस के कारण तीनों का दम घुट गया और बाहर निकलने का अवसर भी नहीं मिला। हादसे के बाद परिजन और स्थानीय निवासी अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग करने लगे थे।
ठेकेदार के बाद अब अस्पताल प्रबंधन भी जिम्मेदार
प्रारंभिक जांच में ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही बरतने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। अब पुलिस ने मृतकों की पृष्ठभूमि और मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को भी आरोपी बनाया है।
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