बर्ड फ्लू का असर: चिकन-अंडा कारोबार ठप, व्यापारियों ने विधायक निवास का किया घेराव

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          बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। बिलासपुर में बर्ड फ्लू के प्रकोप के बाद प्रशासन द्वारा चिकन और अंडों की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध से कारोबारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। प्रतिबंध के चलते रोजाना एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हो रहा है, जिससे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

          बर्ड फ्लू

          प्रशासन की सख्ती के विरोध में नाराज चिकन और अंडा व्यापारियों ने विधायक अमर अग्रवाल के निवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने आवश्यक गाइडलाइन के साथ दुकानों को खोलने की अनुमति देने की मांग करते हुए बताया कि इस निर्णय से करीब 200 दुकानें प्रभावित हुई हैं और कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
          गौरतलब है कि शहर से लगे कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली सभी चिकन और अंडा दुकानों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा अलग-अलग टीमों का गठन कर दुकानों और होटलों में निगरानी भी की जा रही है।

          संक्रमण सरकारी हेचरी में पाया गया

          व्यापारियों ने प्रशासन के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि संक्रमण केवल सरकारी हेचरी में पाया गया है, जबकि निजी हेचरी और दुकानों में ऐसी कोई समस्या नहीं है। उनका कहना है कि अधिकांश निजी व्यापारी बॉयलर मुर्गों का कारोबार करते हैं, जिनमें संक्रमण की आशंका नहीं है, इसके बावजूद उनकी दुकानों को बंद कराया जा रहा है।

          नवरात्रि में 10 दिनों तक बंद थीं दुकानें

          व्यापारियों ने यह भी बताया कि नवरात्रि के चलते पहले ही लगभग 10 दिनों तक दुकानें बंद रहने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। नवरात्रि के बाद बिक्री की उम्मीद में उन्होंने चूजे और अंडों का स्टॉक मंगाया था, लेकिन प्रशासन के प्रतिबंध के कारण अब उनकी बिक्री नहीं हो पा रही है। यदि स्थिति अगले 10-11 दिनों तक बनी रहती है, तो नुकसान और बढऩे की आशंका है। विधायक अमर अग्रवाल ने व्यापारियों को आश्वस्त किया है कि वे इस मुद्दे पर कलेक्टर से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।

          बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि, पांच हजार से अधिक मुर्गियों की मौत, 20 हजार अंडे किए गए नष्ट

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