अमृत मिशन 2.0 के तहत 20 एमएलडी क्षमता के टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट को मिली मंजूरी, प्रदूषण-मुक्त होगी नदी
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। ऊर्जाधानी कोरबा की जीवनरेखा हसदेव नदी को अब प्रदूषण से राहत मिलने जा रही है। अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में 165 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिससे वर्षों से चली आ रही गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान होगा।

शहर के 11 बड़े नालों से निकलने वाला दूषित सीवरेज जल अब सीधे नदी में नहीं जाएगा। करीब 20 एमएलडी क्षमता वाले इस प्लांट के जरिए प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ 30 लाख लीटर गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाएगा। इससे हसदेव नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। परियोजना के पूर्ण होने पर कोरबा देश के उन चुनिंदा 12 शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां इस स्तर की उन्नत जल शोधन व्यवस्था उपलब्ध होगी। खास बात यह है कि इस योजना के तहत वेस्ट टू वेल्थ मॉडल को भी बढ़ावा मिलेगा। उपचारित पानी को एनटीपीसी द्वारा निर्धारित दरों पर खरीदा जाएगा, जिससे उद्योगों को स्वच्छ जल मिलेगा और नगर निगम की आय में भी वृद्धि होगी।
जल-पर्यावरण संरक्षण एवं औद्योगिक प्रगति की दिशा में बड़ा कदम : कलेक्टर
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मानकों के अनुरूप तैयार इस योजना पर तेजी से काम चल रहा है। वर्तमान में निविदा प्रक्रिया जारी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यह परियोजना न केवल हसदेव नदी के पुनर्जीवन का मार्ग प्रशस्त करेगी, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में कोरबा को नई पहचान भी दिलाएगी।

