दर्दनाक सड़क हादसा : पिकअप पलटने से 16 की मौत, 4 महिलाओं की एक ही चिता पर विदाई

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      इंदौर/धार (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के धार जिले में बुधवार रात हुआ भीषण सड़क हादसा पूरे इलाके को झकझोर गया। तिरला थाना क्षेत्र के चिकलिया फाटा के पास इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर मजदूरों से भरी पिकअप और स्कॉर्पियो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे उसमें सवार कई लोग नीचे दब गए। इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें इंदौर रेफर किया गया है।

          भीषण सड़क हादसा

          गुरुवार को एक साथ 16 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया। अलग-अलग गांवों में हुए इन अंतिम संस्कारों के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा। कई जगह हालात ऐसे थे कि एक ही चिता पर एक से अधिक शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ा, जिसमें 4 महिलाओं को एक साथ मुखाग्नि दी गई। बताया जा रहा है कि पिकअप में करीब 30 से 35 मजदूर सवार थे, जो अमझेरा की ओर जा रहे थे। रात करीब 8:15 से 8:20 बजे के बीच वाहन असंतुलित होकर सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन कई बार पलटा और मजदूर उसके नीचे दब गए।हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, इंदौर संभाग के आयुक्त सुदामा खाड़े और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों के इलाज के लिए अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं।

          प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री यादव ने जताया दुःख 

          प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी घायलों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

          जांच में सामने आई लापरवाही

          गुरुवार को इंदौर ग्रामीण डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में ओवरस्पीडिंग हादसे की मुख्य वजह सामने आई है। इसके साथ ही सड़क निर्माण में खामियां भी उजागर हुई हैं। मौके पर न तो कोई साइन बोर्ड था और न ही स्टॉप सिग्नल, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई। डीआईजी ने कहा कि इन सभी बिंदुओं को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी। यह दुर्घटना इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर चिकलिया फाटा के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन की रफ्तार करीब 100 किमी प्रति घंटा थी।

          एनएच-130 पर भीषण सड़क हादसा, चार वाहन भिड़े, चार घायल, दो की हालत नाजुक

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