एक साथ उठीं चार अर्थियां, हिमाचल प्रदेश सड़क हादसे में हुई थी मौत, बड़ी संख्या में लोग शामिल

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      हिमाचल प्रदेश

      दुर्ग/भिलाई (AkhandBharatHNKP.Com)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले भिलाई निवासी एक ही परिवार के चार सदस्यों का मंगलवार को उनके पैतृक गांव कुथरेल में अंतिम संस्कार किया गया। चारों शव जब एंबुलेंस से गांव पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। एक ही परिवार की चार अर्थियां एक साथ उठने से गांव का माहौल गमगीन हो गया और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।

          हिमाचल प्रदेश

          जानकारी के अनुसार, 29 मई की रात चंबा जिले के बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर एक अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में दो बच्चों समेत आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में भिलाई के आईटी इंजीनियर अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची चंद्राकर तथा पुत्र दर्श और अक्षद शामिल थे। बताया गया कि अरविंद चंद्राकर बेंगलुरु में एक बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी में कार्यरत थे। उनके दोनों पुत्र अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने हिमाचल प्रदेश गए थे। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद अरविंद अपने परिवार तथा मित्र पी.जी. कार्तिघायन के परिवार के साथ हिमाचल की वादियों का भ्रमण करने निकले थे। दोनों परिवार 29 मई की सुबह डलहौजी से साच पास क्षेत्र की ओर रवाना हुए थे। देर रात चुराह उपमंडल के कालावन क्षेत्र के समीप वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को बचने का अवसर नहीं मिला। बता दे की अरविंद चंद्राकर के पिता श्यामलाल चंद्राकर भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। अरविंद ने अपनी शिक्षा भिलाई में पूरी की थी और करीब दो दशक से आईटी क्षेत्र में कार्यरत थे। वे हाल ही में अपने परिवार के साथ गर्मी की छुट्टियां बिताने गृह ग्राम कुथरेल आए थे।

          जीपीएस से मिली दुर्घटना की जानकारी

          रात तक वाहन के वापस नहीं लौटने पर टैक्सी मालिक ने जीपीएस लोकेशन की जांच की। वाहन की लोकेशन लंबे समय तक एक ही स्थान पर स्थिर मिलने पर खोजबीन शुरू की गई। अगले दिन वाहन के खाई में गिरने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।

          दुर्गम क्षेत्र में चला लंबा रेस्क्यू अभियान

          दुर्घटनास्थल अत्यंत दुर्गम होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। खड़ी पहाड़ियों, गहरी खाई और खराब मौसम के बीच पुलिस, प्रशासन तथा स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त अभियान चलाया। ह्यूमन चेन बनाकर और रस्सियों की सहायता से कई घंटे की मशक्कत के बाद सभी शवों को खाई से बाहर निकाला गया

          हादसे में इन लोगों की हुई मौत

          दुर्घटना में टैक्सी चालक विश्वास सल्होता (चंबा), अरविंद चंद्राकर, प्राची चंद्राकर, दर्श चंद्राकर, अक्षद चंद्राकर, पी.जी. कार्तिघायन, मनीमाला कार्तिघायन और नंदन कार्तिघायन की मौत हुई। हादसे ने दो परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है।

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