बालिका सशक्तिकरण अभियान के तहत एनटीपीसी कोरबा में अंतरिक्ष विज्ञान कार्यशाला आयोजित

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      कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। एनटीपीसी कोरबा द्वारा बालिका सशक्तिकरण अभियान (जेम) 2026 के अंतर्गत दो दिवसीय प्रेरक व्यक्तित्व विकास एवं अंतरिक्ष विज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बालिकाओं में वैज्ञानिक सोच, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास तथा नवाचार के प्रति रुचि विकसित करना रहा।

          एनटीपीसी कोरबा

          कार्यक्रम का आयोजन इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स (आईडीवाईएम) फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। यह संस्था इसरो से पंजीकृत अंतरिक्ष ट्यूटर संगठन है, जो विद्यार्थियों के बीच अंतरिक्ष शिक्षा और वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने का कार्य करती है। “प्रेरित हों, सीखें, नेतृत्व करें और उपलब्धि प्राप्त करें” विषय पर आधारित कार्यशाला में प्रतिभागी बालिकाओं को अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी देने के साथ-साथ देश के अंतरिक्ष एवं रक्षा क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियों से संवाद का अवसर भी मिला। कार्यशाला के प्रथम दिवस बालिकाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रौद्योगिकी, प्रक्षेपण यान एवं रॉकेट प्रणोदन प्रणाली से परिचित कराया गया। आईडीवाईएम फाउंडेशन के विशेषज्ञों ने रोचक प्रस्तुतियों के माध्यम से अंतरिक्ष अनुसंधान की बारीकियों को समझाया। इस दौरान आयोजित स्पेस प्रदर्शनी में छात्राओं ने उपग्रहों, रॉकेटों तथा भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। वहीं वॉटर रॉकेट चैलेंज में बालिकाओं ने स्वयं जल रॉकेट तैयार कर उनका प्रक्षेपण किया और थ्रस्ट, दाब, एयरोडायनेमिक्स एवं उड़ान स्थिरता जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से समझा।

          इसरो वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री से संवाद

          कार्यशाला के दूसरे दिन छात्राओं ने अंजू दामोदरन से संवाद किया। यू.आर. राव सैटेलाइट सेंटर, बेंगलुरु में कार्यरत दामोदरन ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए बालिकाओं को प्रेरित करते हुए वैज्ञानिक सोच और निरंतर सीखने के महत्व पर बल दिया। इसके अलावा एक्सिओम मिशन-4 के अंतरिक्ष यात्री पायलट एवं शुभांशु शुक्ला ने भी छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने विमानन और अंतरिक्ष क्षेत्र के अपने अनुभव साझा करते हुए अनुशासन, साहस, धैर्य और नेतृत्व क्षमता को सफलता की कुंजी बताया।

          मॉडल रॉकेट्री कार्यशाला रही आकर्षण का केंद्र

          दूसरे दिन आयोजित मॉडल रॉकेट्री कार्यशाला में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में मॉडल रॉकेट तैयार किए। कार्यक्रम का समापन एनटीपीसी कोरबा के व्यवसाय इकाई प्रमुख किशोर चंद्र पात्र की उपस्थिति में रॉकेटों के सफल प्रक्षेपण के साथ हुआ। एनटीपीसी कोरबा की इस पहल ने बालिकाओं को वैज्ञानिक शिक्षा, नवाचार और प्रेरक व्यक्तित्वों से सीखने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व, संचार कौशल और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने जेम प्रतिज्ञा लेते हुए बड़े सपने देखने, निरंतर सीखने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया। “आज की जेम बालिका, कल की राष्ट्र-निर्माता” के संदेश के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।

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