मानव-हाथी द्वंद्व रोकने कलेक्टर ने अफसरों को दिए निर्देश, प्रभावित किसानों को समय पर मिलेगा मुआवजा

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      • हाथी प्रभावित धान खरीदी केंद्रों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश, अवैध बिजली हुकिंग पर होगी कड़ी कार्रवाई

      कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले में बढ़ते मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को रोकने और हाथी प्रभावित लोगों को समय पर राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन के लिए गठित समिति की बैठक हुई। इसमें फसल क्षति का मुआवजा, बिजली की अवैध हुकिंग, धान खरीदी केंद्रों की सुरक्षा और हाथियों के कारण होने वाली जनहानि की रोकथाम सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

          कलेक्टर कुणाल दुदावत

          कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाथियों द्वारा फसल नुकसान की घटना होने पर पटवारियों के माध्यम से समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार कराई जाए, ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि जल्द मिल सके। उन्होंने ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को मुआवजा प्रक्रिया और उससे संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में बिजली के तारों से की जाने वाली अवैध हुकिंग को लेकर कलेक्टर ने विद्युत विभाग को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध हुकिंग के कारण हाथियों के करंट की चपेट में आने की आशंका बनी रहती है। इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और बिजली के तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर रखा जाए। लाइनमैन को भी अवैध हुकिंग की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

          धान खरीदी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

          हाथी प्रभावित क्षेत्रों में संचालित धान खरीदी केंद्रों को संवेदनशील केंद्रों के रूप में चिह्नित कर वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने पर बैठक में जोर दिया गया। कलेक्टर ने उप-पंजीयक सहकारिता और खाद्य विभाग को निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों को खुले में सोने से रोका जाए और उनके लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की जाए। केंद्रों पर आवश्यक अधोसंरचना और सुरक्षा उपायों को भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

          मृतकों और घायलों के परिजनों को जल्द मिले सहायता

          बैठक में हाथियों के हमले में मृत लोगों के परिजनों और घायलों को मुआवजा एवं सहायता देने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पुलिस और वन विभाग को आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। जंगल क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने आबकारी विभाग को पुलिस और वन विभाग के साथ समन्वय कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

          सर्पदंश की सूचना पर 10 से 15 मिनट में पहुंच सकती है रेस्क्यू टीम

          वन मंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने बैठक में विभिन्न मुद्दों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सर्पदंश और जहरीले सांपों, जिसमें किंग कोबरा भी शामिल है, के रेस्क्यू के लिए वन विभाग के साथ नोवा नेचर की टीम उपलब्ध रहती है। सूचना मिलने पर टीम सामान्यतः 10 से 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच सकती है। आवश्यकता पड़ने पर कोई भी विभाग इस टीम को सूचना दे सकता है। बैठक में किसानों की फसलों और सब्जियों को जंगली हाथियों तथा जंगली सूअरों से बचाने के लिए खेतों और बाड़ियों की घेराबंदी के उपायों पर भी चर्चा हुई। बाजार में तार फेंसिंग के लिए उपयोग होने वाले तारों की बिक्री से संबंधित सूची वन परिक्षेत्र कार्यालय में उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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