बालको के जनस्वास्थ्य अभियान से टीबी उन्मूलन को मिल रहा बढ़ावा, चुहिया पंचायत को मिला सम्मान

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      • 40 से अधिक गांवों में जागरूकता अभियान, 27 हजार लोगों तक पहुंचा टीबी जागरूकता कार्यक्रम; 110 मरीजों को मिला पोषण सहयोग

      बालकोनगर (AkhandBharatHNKP.Com)। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मरीजों की देखभाल और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कोरबा कलेक्ट्रेट में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित जिला स्तरीय समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया। इस दौरान कोरबा जिले की चुहिया ग्राम पंचायत को पिछले एक वर्ष में टीबी का कोई मामला सामने नहीं आने पर महात्मा गांधी कांस्य स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

          यह सम्मान नगर निगम की महापौर संजू देवी राजपूत और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने प्रदान किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे। बालको कोरबा जिले के 40 से अधिक गांवों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने और उपचार के दौरान मरीजों को सहयोग देने के लिए काम कर रहा है। कंपनी की स्वास्थ्य पहल ‘प्रोजेक्ट आरोग्य’ के माध्यम से अब तक लगभग 27 हजार लोगों तक टीबी जागरूकता कार्यक्रम पहुंचाया गया है। वहीं, केंद्र सरकार की ‘निक्षय मित्र’ पहल के तहत करीब 110 टीबी मरीजों को पोषण सहायता, परामर्श और उपचार जारी रखने में सहयोग दिया गया है।

          बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा कि भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। उद्योग जगत आर्थिक विकास के साथ समुदाय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कंपनी स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से टीबी उन्मूलन तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने भी टीबी की रोकथाम और मरीजों की देखभाल में बालको के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच और उपचार के दौरान सहायता टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चुहिया पंचायत में पिछले एक वर्ष के दौरान टीबी का कोई मामला सामने नहीं आना सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।

          पोषण सहायता से मरीज को मिली राहत

          बालको की पहल से लाभान्वित एक मरीज ने बताया कि लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी रहने के बाद टीबी की पुष्टि हुई। उपचार के दौरान बालको से मिली पोषण सहायता से उसे स्वस्थ होने में मदद मिली। मरीज के अनुसार, उसका वजन 49 किलोग्राम से बढ़कर 53 किलोग्राम हो गया और धीरे-धीरे लक्षण भी समाप्त हो गए। अब उसकी टीबी जांच रिपोर्ट निगेटिव है। वह अपने गांव में लोगों को समय पर जांच और उपचार कराने के लिए प्रेरित कर रहा है। कंपनी के अनुसार, मरीजों को सहायता देने का उद्देश्य केवल पोषण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनसे नियमित संपर्क, परामर्श और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय के माध्यम से उपचार जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। बालको की ये पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों को समय पर उपचार से जोड़ने में सहयोग कर रही हैं।

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