मुख्यमंत्री निवास में गरबा महोत्सव की धूम, भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा आयोजन

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      • हमारी संस्कृति में नारी शक्ति का सर्वोच्च स्थान, माताओं-बहनों का सम्मान और सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

      • महतारी वंदन योजना से लगभग 68 लाख महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल, प्रदेश की 14 लाख बहनें बनीं लखपति दीदी

      • छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और देवी शक्तिपीठों के संरक्षण एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार

          गरबा महोत्सव

          रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। मुख्यमंत्री निवास में नवरात्रि के अवसर पर गरबा महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, बेटियों और गुजराती समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति संगीत और गरबा की लय से मुख्यमंत्री निवास का पूरा परिसर उत्सवमय हो गया।

          गरबा महोत्सव

          मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि शक्ति की आराधना, श्रद्धा और भक्ति के साथ नारी सम्मान का महापर्व है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। यह पर्व हमें मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरबा मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति होने के साथ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। गुजरात से शुरू हुई गरबा की परंपरा आज देशभर में उत्साह के साथ मनाई जाती है। ऐसे आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विभिन्न आयोगों एवं मंडलों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, सर्व गुजराती समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतेश गांधी, पूर्व विधायक एवं एनआर गुजराती एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष देवजी पटेल सहित गुजराती समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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          महिला सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता

          मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचती है, जिससे उन्हें परिवार की जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह महिलाओं के परिश्रम, सामर्थ्य और आत्मविश्वास का प्रमाण है। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित न रहें, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका भी निभाएं।

          छत्तीसगढ़ की पहचान हैं देवी शक्तिपीठ

          मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है, जहां आदिशक्ति की आराधना की समृद्ध परंपरा सदियों से चली आ रही है। बस्तर की मां दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी सहित अनेक देवी धाम प्रदेश की आस्था और सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान प्रदेश के विभिन्न देवी धामों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है। ये शक्तिपीठ केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक भी हैं। राज्य सरकार धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रमुख देवी धामों में सुविधाओं के विस्तार और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

          विकसित छत्तीसगढ़ में गुजराती समाज का योगदान

          मुख्यमंत्री साय ने गुजराती समाज की सराहना करते हुए कहा कि इस समाज ने अपनी उद्यमशीलता, परिश्रम, सेवा भावना और सामाजिक एकता से देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। छत्तीसगढ़ में भी गुजराती समाज व्यापार, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश की प्रगति में भागीदारी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान विभिन्न समाजों और संस्कृतियों को अपनाने तथा उन्हें सम्मान देने की रही है। गुजराती समाज ने भी छत्तीसगढ़ को अपनी कर्मभूमि बनाकर यहां की सामाजिक और सांस्कृतिक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में सभी समाजों की सहभागिता जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, सकारात्मकता और सामूहिकता का संदेश देता है। मां दुर्गा के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति करे और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आए, यही उनकी कामना है।

          मुख्यमंत्री निवास में विराजे भगवान गणेश, सीएम साय ने की विधि-विधान से पूजा-अर्चना

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