कोरबा में रबी फसल के क्षेत्र में 10 प्रतिशत अतिरिक्त बढ़ोतरी का लक्ष्य, किसानों का समय पर पंजीयन कराने और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों को धान के स्थान पर दलहन, तिलहन सहित अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कृषि विभाग के मैदानी अमले की समीक्षा बैठक लेकर किसानों का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करने और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
इससे पहले 23 अक्टूबर को बिलासपुर के मंथन सभागार में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्षता में खरीफ 2026 की प्रगति और रबी 2026-27 के प्रस्तावित कार्यक्रम की संभागीय समीक्षा बैठक हुई थी। इसी बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन को लेकर कलेक्टर ने जिले में कृषि योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में बताया गया कि खरीफ 2026 के दौरान जिले में धान का रकबा 2,961 हेक्टेयर कम हुआ है। कलेक्टर ने किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा एकीकृत किसान पोर्टल पर समय-सीमा में पंजीयन कराने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुसार, धान के स्थान पर दूसरी फसल लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ और धान के अतिरिक्त अन्य फसल लेने वाले किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता के लिए पंजीयन कराया जाना है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की मूल्य समर्थन योजना के तहत अधिसूचित दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन के लिए भी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा गया।
रबी में 10 प्रतिशत अतिरिक्त क्षेत्र में खेती का लक्ष्य
रबी 2026-27 के लिए रबी पड़ती भूमि पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत क्षेत्र में खेती बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने जलभराव वाले क्षेत्रों को छोड़कर शेष क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा शून्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों की मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण बीज का भंडारण और वितरण सुनिश्चित करने को भी कहा। करतला विकासखंड में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सूरजमुखी की खेती कराने तथा जिले में दलहन-तिलहन का क्षेत्र विस्तार 10 हजार हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य दिया गया है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कृषि विभाग के मैदानी अमले को किसानों से संपर्क कर उन्हें वैकल्पिक फसलों के लाभ की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
कृषि यंत्रों और सिंचाई सुविधाओं पर भी जोर
कलेक्टर ने कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत किसानों का चौम्प्स पोर्टल पर पंजीयन कर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कृषि यंत्र वितरित करने को कहा। सूक्ष्म सिंचाई योजना के अंतर्गत 700 हेक्टेयर के लक्ष्य के अनुरूप स्प्रिंकलर पंप सेट के लिए किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए गए। टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए योजना से जुड़े किसानों के खेतों का पीजीएस प्रमाणीकरण कराने पर जोर दिया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों ने पीजीएस प्रमाणीकरण की प्रक्रिया के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया।
25 हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण का लक्ष्य
किसानों की भूमि की उर्वरता और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने प्रत्येक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को 250 मृदा नमूने एकत्र करने के निर्देश दिए। जिले में कुल 25 हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित करने का लक्ष्य पूरा करने को कहा गया। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत सभी पात्र किसानों को जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि उन्हें कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध योजनागत सुविधाओं का लाभ मिल सके।
उर्वरक वितरण के लिए दिया गया प्रशिक्षण
बैठक में कृषि विभाग के मैदानी अमले को टोकन और क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक वितरण के लिए नवीन मोबाइल ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि विभागीय अधिकारी गांवों में सक्रियता से कार्य करें, किसानों को योजनाओं की जानकारी दें और आवश्यक पंजीयन समय पर पूरा कराएं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, उप संचालक कृषि, सहायक संचालक कृषि तथा बीज निगम एवं बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों सहित कृषि विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा।
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