वेदांता पावर प्लांट हादसे में मौत का आंकड़ा 23 पहुंचा, 12 घायल अब भी लड़ रहे जिंदगी की जंग

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      कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)।  वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट के बाद मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है, जबकि 12 घायल श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। बीते 12 घंटे के भीतर मृतकों का आंकड़ा 20 से बढ़कर 23 तक पहुंच गया।

          वेदांता पावर प्लांट

          मृतकों में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती पश्चिम बंगाल निवासी सुब्रतो जेना, रायपुर के कालड़ा अस्पताल में भर्ती उत्तर प्रदेश निवासी किस्मत अली सहित एक अन्य श्रमिक शामिल है। हादसे में जान गंवाने वालों में 5 श्रमिक छत्तीसगढ़ के हैं, जबकि 18 अन्य राज्यों से बताए जा रहे हैं। इस भीषण हादसे के बाद पुलिस ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल सहित 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है। टीम में पुलिस अधिकारियों के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है, जो हादसे के तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर रहे हैं।

          प्रारंभिक जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही

          पुलिस और प्रशासन की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार बॉयलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा होने से दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था। इसी कारण बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और जोरदार विस्फोट हुआ। फोरेंसिक टीम ने भी अपनी रिपोर्ट में अत्यधिक ईंधन संचय और दबाव को हादसे की मुख्य वजह बताया है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि प्लांट में मशीनरी के रखरखाव, सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई थी।

          मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

          वेदांता पावर प्लांट

          मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ श्रम कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया गया है।

          वेदांता प्रबंधन ने भी किया मुआवजे का ऐलान

          वेदांता पावर प्लांट प्रबंधन ने हादसे में मृत प्रत्येक श्रमिक के परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपए देने की बात कही गई है।

          वेदांता पावर प्लांट हादसे में बड़ी कार्रवाई : चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 8 पर एफआईआर

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